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Jitendra_Kabir, poem

कौन है अच्छा इंसान?

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना …


 कौन है अच्छा इंसान?

जितेन्द्र 'कबीर'
जितेन्द्र ‘कबीर’

एक अच्छा इंसान

नहीं टालता किसी का कहना,

मान लेता है सबकी बात

बिना कोई बहस अथवा विरोध किए,

कर देता है खुशी से

वे सारे काम

जो उसे बताए जाते हैं घरवालों,

पड़ोसियों, दोस्तों और रिश्तेदारों

के द्वारा,

रुपए-पैसे अथवा अन्य किसी 

सहायता के लिए भी

करता नहीं वह किसी को इंकार,

एक अच्छा इंसान

बुरा लगने लगता है जब वह

बोलने लगता सच को सच

और झूठ को झूठ

किए बिना किसी की लिहाज,

सबका हुक्म 

बजाते जाने की अपेक्षा जब वह

रखने लगता है 

सिर्फ अपने काम से काम,

नहीं बढ़ा पाता जब वह 

अपनी आर्थिक तंगी अथवा अन्य किसी

समस्या के चलते

किसी की ओर मदद का हाथ।

इंसान के लिए

बहुत मुश्किल है कि वह बना रहे

अपनी पूरी उम्र सबके लिए

एक अच्छा इंसान,

गलतफहमियों अथवा 

परिस्थितियों के चलते कोई न कोई

मान ही बैठता है उसे बुरा इंसान।

                             जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


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