Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

कोविड-19 को नव वर्ष 2023 में जड़ से मिटाने का प्रण लें |

आओ कोविड-19 को नव वर्ष 2023 में जड़ से मिटाने का प्रण लें दो साल बाद नए साल 2023 के …


आओ कोविड-19 को नव वर्ष 2023 में जड़ से मिटाने का प्रण लें

कोविड-19 को नव वर्ष 2023 में जड़ से मिटाने का प्रण लें |

दो साल बाद नए साल 2023 के जश्न में डूबे – पूरा वर्ष चारों तरफ हों खुशियां ही खुशियां

कोविड उपयुक्त व्यवहार के बिना, मौज में वर्ष 2023 का स्वागत हमने किए – आओ अब अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा नियमों का पालन कर कर्तव्य निभाएं – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर वर्ष 2023 का जोरदार ढंग से स्वागत हर देश ने अपने अपने स्तर पर खुशियां मना कर किए। जिन देशों में कोविड-19 लहर के नएवेरिएंट की तीव्रता छाई हुई है वहां अपेक्षाकृत गमों का मातम छाया रहा जैसा कि टीवी चैनलों पर दिखाया गया। परंतु भारत में पश्चिम पूर्व से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक नव वर्ष 2023 का जोरदार ढंग से स्वागत किया गया। एक टीवी चैनल पर वर्ष 2023 का 23 रिपोर्टरों के माध्यम से अनेक राज्यों की नव वर्ष मनाने की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाई गई, जहां भारत के नागरिक तो बहुत उत्साहित दिख रहे थे पर विदेशों से भी भारी संख्या में नागरिक दिखाए गए जो अपने गृह राज्य में नए साल की खुशियां परिवार के साथ मनाने आए थे। 2 वर्षों के बाद नव वर्ष 2023 का जश्न मनाने का मौका मिला था। चूंकि पिछले 2 वर्षों से कोविड महामारी की विभिशक्ता के चलते केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सख़्त प्रतिबंधों का पालन कराया जा रहा था, परंतु 2023 हर भारतीय नागरिक के लिए मानों खुशियों की सौगात लाया हो, बूढ़े से बच्चे तक हर व्यक्ति काफी खुश देख रहे थे। मैंने अपने निवास स्थान की छत से देखा तो चारों तरफ रात्रि 12 बजे पटाखों की धमाचौकड़ी व आवाजें सुनाई और दिखाई दी सारा देश मानों सुप्रीम कोर्ट का 10 बजे वाला आदेश अपनी मौज मस्ती में भूल सा गया था, वहीं शासन-प्रशासन भी कोविड उचित व्यवहार का पालन करवाना मानों भूल गया था या फिर जनता को खुशियां मनाने का एक मौका देना चाहता था। खैर जो भी हो लेकिन हमनें वर्ष 2023 का स्वागत कर जश्न में डूबे और चारों तरफ खुशियां ही खुशियां बांटे और अपनी खुशियों की सुगंध बिखेरे। परंतु अब हमें सतर्क रहना है क्योंकि कोविड अभी गया नहीं है बल्कि तेज़ी से फैल रहा है जिसका परिणाम हम चीन सहित कुछ देशों में देख रहे हैं। 1 जनवरी 2023 से भारत ने भी कुछ देशों से आने वालेयात्रियों पर कुछ नियमों को लागू किया है, इसलिए अब हर नागरिक का कर्तव्य बन जाता है कि हम कोविड उपयुक्त व्यवहार को पालन करने में सहभागिता निभाएं और ऐसा प्रण करें कि वर्ष 2023 के प्रथम 6 माह में ही कोविड को जड़ से मिटा दें। लेकिन यह सब हम सबके मिलकर सहभागिता से करना संभव होगा।
साथियों बात अगर हम तेजी से फैल रहे कोरोना महामारी के नए वेरिएंट बीएफ-7 की भारत में तैयारियों की करें तो पिछले कई दिनों से हम मीडिया के माध्यम से देख सुन रहे हैं कि माननीय पीएम और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हाई लेवल की मीटिंग कर रहे हैं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों, फर्मेसिटिकल क्षेत्र के महत्वपूर्ण लोगों से जुड़े संगठनों सहित अनेक क्षेत्रों से जुड़े संगठनों जिनका कोविड-19 से लड़ाई करने में सहभागिता लाभदायक है, सभी कर पुरजोर कोशिश कर रहे हैं कि भारत को सुरक्षित रखा जाए और फैलने पर सभी स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया है। परंतु हम जनता का भी अब कर्तव्य बन जाता है कि हम भी इन तैयारियों रूपी यज्ञ में अपनी सहभागिता रूपी आहुति अर्पण करें, क्योंकि शासन ने हमें 2023 वर्ष मनाने में सहयोग किया कोई सख़्ती नहीं की, अब बारी हमारी है कि कोविड नियमों का पालन कर सहभागिता कर शासन को सहयोग करें।
साथियों बात अगर हम कोरोना महामारी से लड़ाई में जनता के सहयोग की करें तो, कोरोन की लड़ाई हमेशा लोगों द्वारासंचालित रही है। देश में समय-समय पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है कि एक सौ पैतीस करोड़ लोग एक साथ क्या कर सकते हैं। जनता कर्फ्यू के साथ महामारी से लड़ने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन अभियान में योगदान देने तक, भारत पूरे जोश के साथ इस वायरस के खिलाफ प्रमुख सुरक्षा में वायरसों से लड़ा है। हम 2023 में प्रवेश कर चुके हैं और हम ओमिक्रॉन बीएफ़-7 की चुनौती का सामना कर रहे हैं। इस लड़ाई को नए सिरे से ऊर्जा और ताकत की जरूरत है। हमें एक बार फ़िर एक साथ आने की जरूरत है, ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके और अपने लोगों की रक्षा जा सके। वायरस के खिलाफ प्रमुख सुरक्षा में से एक मास्क का उपयोग, हाथ धोने, सामाजिक दूरी और बंद स्थानों को हवादार करने के साथ कोविड के उचित व्यावहार का पालन करना है।
साथियों बात अगर हम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिनांक 31 दिसंबर 2022 को पीआईबी में जारी कोविड-19 अपडेट की करें तो, राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक कुल 220.10 करोड़ (95.13 करोड़ दूसरी डोज और 22.40 करोड़ प्रीकॉशन डोज) टीके लगाए जा चुके हैं। बीते चौबीस घंटों में 91,732 टीके लगाए गए। भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या 3,653 है। सक्रिय मामलों की दर 0.01 प्रतिशत है। स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.8 प्रतिशत है। बीते चौबीस घंटों में 179 लोग स्वस्थ हुए,अब तक स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 4,41,44,029 है। पिछले 24 घंटों में 226 नए मामले सामने आए। दैनिक सक्रिय मामलों की दर 0.12 प्रतिशत है। साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.15 प्रतिशत है। अब तक 91.07 करोड़ जांच की जा चुकी हैं,बीते चौबीस घंटों में 1,87,983 जांच की गई।
साथियों सच ही है, आइए नव वर्ष में हम कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन कर अपने स्वस्थजीवन को समृद्ध बनाएं क्यों कि हमें विश्वास है कि नव वर्ष की नव प्रभात की ऊर्जावान किरणें हमारे जीवन में नई खुशियां, नए लक्ष्य, नई प्रेरणाएं और ढेर सारी उपलब्धियां लेकर आई हैं। आइए इस अवसर पर हम सभी राष्ट्र की एकता, अखण्डता एवं समावेशी विकास के लिए भी संकल्प लें। कोरोना महामारी को जड़ से मिटा कर देश की प्रगति यात्रा को सुनिश्चित करते हुए अपने प्रयासों को नए जोश और उत्साह के साथ जारी रखने का प्रण लें। आइए, हम भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊचाइयों तक ले जाने के संकल्प के साथ प्रण करें। प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित करता हमारा राष्ट्र आज प्रगति अवसरों और निवेश का एक पसंदीदा वैश्विक केंद्र बन कर उभरा है। हम अपने जीवन में शांति स्वास्थ्य,सौहार्द और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए हम सब मिल कर साझा प्रयास करें।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि आओ कोविड-19 को 2023 में जड़ से मिटाने का प्रण लें 2 साल बाद नए साल 2023 के जश्न में डूबे लोग चारों तरफ हो खुशियां ही खुशियां कोड उपयुक्त व्यवहार के बिना मौज में वर्ष 2023 का स्वागत हमने किए आओ अब अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा नियमों का पालन कर कर्तव्य निभाएं।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

antarjateey vivah aur honor killing ki samasya

June 27, 2021

 अंतरजातीय विवाह और ऑनर किलिंग की समस्या :  इस आधुनिक और भागती दौड़ती जिंदगी में भी जहाँ किसी के पास

Paryavaran me zahar ,praniyon per kahar

June 27, 2021

 आलेख : पर्यावरण में जहर , प्राणियों पर कहर  बरसात का मौसम है़ । प्रायः प्रतिदिन मूसलाधार वर्षा होती है़

Lekh aa ab laut chalen by gaytri bajpayi shukla

June 22, 2021

 आ अब लौट चलें बहुत भाग चुके कुछ हाथ न लगा तो अब सचेत हो जाएँ और लौट चलें अपनी

Badalta parivesh, paryavaran aur uska mahatav

June 12, 2021

बदलता परिवेश पर्यावरण एवं उसका महत्व हमारा परिवेश बढ़ती जनसंख्या और हो रहे विकास के कारण हमारे आसपास के परिवेश

lekh jab jago tab sawera by gaytri shukla

June 7, 2021

जब जागो तब सवेरा उगते सूरज का देश कहलाने वाला छोटा सा, बहुत सफल और बहुत कम समय में विकास

Lekh- aao ghar ghar oxygen lagayen by gaytri bajpayi

June 6, 2021

आओ घर – घर ऑक्सीजन लगाएँ .. आज चारों ओर अफरा-तफरी है , ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत का

Leave a Comment