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कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी

कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी सुनिए जी ! सावधान रहिएगा, भारत में कोविड की फ़िर तेज़ रफ्तार हर व्यक्ति …


कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी

कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी
सुनिए जी ! सावधान रहिएगा, भारत में कोविड की फ़िर तेज़ रफ्तार

हर व्यक्ति को कोविड उपयुक्त व्यवहार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आदत डालना समय की मांग – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर प्राकृतिक, मानव निर्मित परिस्थितिजन्य आपदाओं से निपटने के लिए हर देश को एक मंच पर लाने के लिए तीव्रता के प्रयास किए जा रहे हैं। उसी कड़ी में 4 अप्रैल 2023 को आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2023 को हमारे पीएम और उनके प्रधान सचिव ने संबोधित किया। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तरपर आपदाओं से निपटने के लिए बुनियादी अवसंरचना पर विचारविमर्श को प्लान किया गया और आगे का मार्ग प्रशस्त किया गया है, जिससे प्राकृतिक, मानवनिर्मित और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए वैश्विक स्तरपर साझा समझ और तैयारियां विकसित की जाएगी, क्योंकि यह अब किसी एक देश का मुद्दा नहीं रहा अब यह विषय वैश्विक या राष्ट्रीय विवाद समाज के वैश्विक केंद्र में जा चुका है। चूंकि भारत में पिछले कुछ दिनों से कोविड की रफ्तार में फ़िर तीव्रता से तेजी आ रही है जिसे हमें अब आपदा का ही रूप समझना पड़ेगा इसलिए हालांकि इसका समाधान अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भी देखा जा रहा है, परंतु सबसे अधिक जरूरत आज हर व्यक्ति को कोई उपयुक्त व्यवहार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आदत डालनी होगी जिससे तेजी से बढ़ रहे संक्रमण पर लगाम लगाई जा सकती है। मेरा मानना है कि अब शासन प्रशासन आज से 2 वर्ष पूर्व जैसी सख़्ती नहीं अपनाएगा परंतु हमारा कर्तव्य है कि हम अपने स्वास्थ्य सहित दूसरों के स्वास्थ्य की भी सोचे और नियमों का पालन सबसे पहले अपने और अपने परिवार से शुरू करें तो कोविड पर स्थाई जीत शीघ्र हासिल करेंगे।

साथियों बात अगर हम कोरोना की तेज़ रफ्तार की करें तो, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे भारत में जानलेवाकोरोना वायरस एक बार लौटता नजर आ रहा है। यही वजह है कि देश में रोजाना कोरोना के नए मामलों में तेजी के साथ बढ़ोतरी देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली की ही बात करें तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए केस रिकॉर्ड किए गए हैं। यहां कोरोना केसों की यह संख्या पिछले साल 27 अगस्त के बाद एक दिन में आए सक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं। होश उड़ाने वाली बात यह है कि कोरोना केसों में अछाल के साथ ही संक्रमित लोगों की मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दिल्ली में बीते एक दिन में कोरोना से एक मौत हुई है। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने कई जगहों पर कोरोना का अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना वायरस अभी गया नहीं है, लिहाजा इसको लेकर हर संभव एहतियात बरता जाए। भारत की अगर बात करें तो यहां सबसे बुरा हाल महाराष्ट्र का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 711 नए मामले दर्ज किए गए हैं, इस दौरान कोरोना की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ गई है, इससे पहले सोमवार को राजधानी में कोरोना के 293 केस सामने आए थे और दो लोगों की मौत हुई थी। जबकि इससे पहले रविवार को कोरोना के एक दिन में 429 नए केस थे और शनिवार को यह संख्या 416 थी। देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कुछ परिस्थितियों में हरियाणा सरकार ने लोगों से मास्क के पहनने के लिए कहा है। इसको लेकर हरियाणा के गृहमंत्री का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने हेल्थ वर्कर और 100 से ज्यादा एक जगह एकत्रित होने वालों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया है। हमारे यहां अभी सक्रिय मरीज़ों की संख्या 724 है, लेकिन उनमें से कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है। नोएडा में तेजी से बढ़ रहे कोविड केस के लिए ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट एक्सबीबी 1 जिम्मेदारहै।हालिया मामलों के जीनोम एनालिसिस से यह बात सामने आई है। नोएडा में अधिकांश मरीजों में ये सब वैरिएंट ही है। इसके अलावा एक्सबीबी 1.5, एक्सबीबी 2.3 सब वैरिएंट के मरीज भी हैं। एक्सबीबी 1 तेजी से संक्रमण को फैलाया है। इसकी रफ्तार पहले से 104 गुना तेज है। यदि सावधानी नहीं बरती तो ये कोरोना की नई लहर का रूप ले सकता है।डॉक्टरों के मुताबिक ये नया वैरिएंट ओमिक्रॉन फैमिली का है। ये हमारी इम्यूनिटी को तोड़ सकता है और हमें आसानी से संक्रमित कर सकता है। ये म्यूटेशन भी कर सकता है। हालांकि घातक कम है। इसलिए लापरवाही नहीं बरती जाए। प्रदेश में भी इसी वैरिएंट के केस सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और दिल्ली में भी एक्सएक्सबी और सब वैरिएंट एक्सएक्सबी 1 के मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ये इन सभी मरीजों पर नजर बनी हुई है।

साथियों बात अगर हम कोरोना महामारी के वर्तमान में बढ़ते प्रकोप को देखें तो, भारत में कोविड के मामलों में मार्च की शुरुआत से बढ़ोतरी होने लगी है. इसके चलते केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तक सतर्क हो गई हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में रविवार 2 अप्रैल को 3,641 नए मामले दर्ज किए हैं. ये आंकड़ा बीते छह महीने में सबसे ज्यादा थे। इससे पहले शनिवार (1 अप्रैल) को देश में कोरोना के 3824 नए केस दर्ज किए गए थे। जानकारी के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में आए कोविड मामले जनवरी 2022 में देश में आई तीसरी लहर के बाद सबसे ज्यादा आए हैं। भारत ने पिछले सप्ताह 26 मार्च से 1 अप्रैल में कुल 18,450 नए कोविड मामले दर्ज किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटे के दौरान संक्रमण से 11 और मौतें होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर कुल 5,30,892 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, इन 11 मौतों में से तीन मरीज की मौत महाराष्ट्र में गई है जबकि एक-एक मरीज की मृत्यु दिल्ली, केरल, कर्नाटक और राजस्थान में हुई है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण की दैनिक दर 6.12 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 2.45 फीसदी दर्ज की गई है। कोविड के कुल मामलों की संख्या 4.47 करोड़ (4,47,26,246) हो गई है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या कुल मामलों का 0.05 प्रतिशत है। वहीं, कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.76 प्रतिशत दर्ज की गई है। 4 अप्रैल 2023 को देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 3038 नए केस सामने आए हैं। बता दे कि इस दौरान 2069 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं, जबकि 9 मरीजों की मौत हुई है। हालांकि पिछले एक महीने नए केस में 9 गुना बढ़ोतरी हुई है। उधर, छत्तीसगढ़ के एक गर्ल्स हॉस्टल में सोमवार को 19 छात्राएं संक्रमित पाई गई हैं। सभी को क्वारैंटाइन किया गया है। इन छात्राओं के संपर्क में आने वाली दूसरे छात्रों की भी जांच की जा रही है।मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए जिन्होंने उनसे संपर्क में आए लोगों से टेस्टिंग कराकर क्वॉरेंटाइन होने की अपील की है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे वरुण का अध्ययन पर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी। सुनिए जी ! सावधान रहिएगा, भारत में कोविड की फ़िर तेज़ रफ्तार।हर व्यक्ति को कोविड उपयुक्त व्यवहार को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आदत डालना समय की मांग है।

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कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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