Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, poem

कुबूल है

 “कुबूल है” कुबूल है मुझे तेरी मन मर्ज़ियां कुबूल है चाहत की बौछार कर दूँ तेरी अदाओं पर निसार होते, …


 “कुबूल है”

कुबूल है
कुबूल है मुझे तेरी मन मर्ज़ियां कुबूल है चाहत की बौछार कर दूँ तेरी अदाओं पर निसार होते, या तमन्नाएं लूटा दूँ तुझे बेशुमार प्यार करते बस एक बार कह दे कि तू मेरा हुआ..

हर मौसम वार दूँ आसमान से चाँद का झूमर तोड़ कर दहलीज़ पर तेरी उतार दूँ, नखरों पर तेरे फ़िदा होते नखशिख तुझे संवार दूँ बस एक बार कह दे कि तू मेरा हुआ..

मेघ सभर बादलों से रंग काला चुनकर काजल सा भर दूँ तेरे कातिलाना नैंन में, करीब तो आ हल्की सी गुफ़्तगु करते तुझे हौले से अपनी मैं जान भी बना लूँ बस एक बार कह दे कि तू मेरा हुआ..

सुरों की सरगम सी आवाज़ पर मर मिटते तू कहे तो तन की मैं खाल तक उतार दूँ, लब पर जो ठहरा है नुक्ता ये हल्का सा चूमकर तू कहे तो उस पर मैं जान तक वार दूँ बस एक बार कह दे कि तू मेरा हुआ..

भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर


Related Posts

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

“संसार चक्र”

May 25, 2022

“संसार चक्र” इंसान का अवनी पर जन्म लेने का और तो क्या मकसद होगा? पर लगता है हर जीव को

समस्त रक्तदान दाताओं

May 25, 2022

समस्त रक्तदान दाताओं देख रही आज मानव सेवा चैन के जरिएएक-एक रक्त की बूंद को तरसे लोगअपनों के जान बचाने

ससुराल मायका क्यूँ नहीं बन सकता

May 25, 2022

“ससुराल मायका क्यूँ नहीं बन सकता” “मत बनों कारण किसी मासूम की बर्बादी का, मुस्कान भरो बहू के चेहरे पर

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े!

May 25, 2022

अतीत से परे आगे की ओर बढ़े! मुड़ कर ना देखो,जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने

यथार्थ मार्ग!

May 25, 2022

 यथार्थ मार्ग! कुरीतियां और बुरी आदतों को बदलें, इस जिंदगी की राह में थोड़ा और संभले, जितनी हो गई गलतियां

PreviousNext

Leave a Comment