Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, lekh

कुछ बातें काम की

 “कुछ बातें काम की” “ज़िंदगी जश्न है उलझकर अटपटी मत बनाईये, कुछ समझे और कुछ समझाकर रस्सी सी सीधी बनाईये” …


 “कुछ बातें काम की”

कुछ बातें काम की“ज़िंदगी जश्न है उलझकर अटपटी मत बनाईये, कुछ समझे और कुछ समझाकर रस्सी सी सीधी बनाईये”

इंसान अगर चार कथन को पचा ले तो ज़िंदगी बहुत सहज हो जाएगी।

पहला शक का कोई इलाज नहीं, 

दूसरा चरित्र का कोई प्रमाण पत्र नहीं, 

तीसरा मौन से बड़ी कोई साधना नहीं, 

चोथा शब्द से कड़वा कोई ज़हर नहीं।

हम सीधी सरल ज़िंदगी को अपने आचरण और व्यवहार से कितनी अटपटी बना लेते है। कुछ सामान्य बातों को सोच समझ कर जीवन में उतार ले तो  जीवन सफ़र में कई घर्षणों से निजात पा सकते है। 

रिश्ता चाहे कोई भी हो किसी भी रिश्ते में जब शक पनपने लगता है तब रिश्ते को दीमक की तरह खा जाता है। अगर किसीके प्रति आपके दिमाग में शक का किड़ा जन्म लेता है तो उसे तुरंत मार दें। आमने-सामने बैठकर बात का समाधान कर लें, नां कि भीतर ही भीतर खयालों को कुरेद कर गहरी खाई बना लें। खासकर पति-पत्नी के रिश्ते में शक पेट्रोल का काम करता है। हल्की सी दरार में शक की सिलन दांपत्य की नींव हिला सकती है। पति का मोबाइल चेक करना, देर से आने पर सौ सवाल करना, बात-बात पर शक की बीना पर ताने मारना अक्लमंदी नहीं। तो शक का इलाज जहाँ संभव ना हो वहाँ समझदारी से काम ले, रिश्ते ताउम्र खिले-खिले रहेंगे।

वैसे ही कोई भी व्यक्ति अपने चरित्र का प्रमाण पत्र नहीं दे सकता। हर रिश्ता  भरोसा और यकीन के टीले पर खड़ा होता है। ज़िंदगी है कहीं सच्चाई तो कहीं धोखा भी मिलता है, पर कभी भी किसीको आज़माने से पहले या इल्ज़ाम लगाने से पहले जाँच पड़ताल जरूर कर लें। सीधा किसीके चरित्र पर वार न करें  वरना आपकी उठाई हुई ऊँगली किसीका जीवन बर्बाद कर सकती है। हर एक चीज़ को वक्त के भरोसे छोड़ देनी चाहिए वक्त सारे सवालों का जवाब अचूक देता है। एक न एक दिन व्यक्ति की पहचान उनके व्यवहार में जरूर झलकती है। 

तीसरा मौन से बड़ी सच में कोई साधना नहीं। जहाँ जरूरत हो सिर्फ़ वहीं पर मुँह खोलना चाहिए बहुत से प्रश्न अपने आप सुलझ जाएंगे। सच्चाई किसीको हज़म नहीं होती। और झूठ में हाँमी भरने से या साथ देने से बेहतर है मौन रहे। कई बार कुछ ना कहना भी जवाब देने के बराबर होता है। मौन रहने से खुद के भीतर शांति का संचार बना रहता है और बहस और झगड़े से बचा जा सकता है।

और चोथा है शब्दों के बाण शब्दों का भी ज़ायका होता है। एक ही बात दो लहजे में कही जा सकती है, एक थोड़ा रुखे सूखे लहजे में और दूसरी शब्दों में मिश्री घोलकर। शब्द मरहम का काम भी करता है और ज़हर का भी। किसीको कुछ भी अनाप-सनाप बोलने से पहले चंद लम्हें सोच ले कि क्या ये बोलना सही होगा? सामने वाले पर इसका क्या प्रभाव होगा। और एक बार मुँह से निकले शब्दों को आप ना मिटा सकते हो ना वापस ले सकते हो। कोई नहीं जानता कब किसको किसकी जरूरत पड़ जाए। तो बेहतर होगा वाणी को वश में रखकर सोच समझकर भाषा में शालीन शब्दों का प्रयोग करें और रिश्ते बचाकर स्वस्थ जीवन जिएं। 

जीवन बहुत छोटा है अगले पल क्या होने वाला है किसीको नहीं पता। खाली हाथ आए थे खाली हाथ जाना है ये सारी अच्छी-अच्छी बातें हम सब जानते है बस जीवन में उतारते नहीं। चंद अच्छी आदतें इंसान को इंसान का दरज्जा देगी मरने के बाद चार लोग याद करेंगे। तो सहज और सरल जीवन जीने के लिए चार कथन को याद रखना बुरी बात तो नहीं। 

भावना ठाकर ‘भावु’ (बेंगलोर)


Related Posts

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है

April 20, 2022

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है देश की बुनियादी नीव अमन चैन, सौहार्दपूर्ण वातावरण, भाईचारा तात्कालिक

आजकल संतति से विमुख हो रहे हैं युवा

April 20, 2022

आजकल संतति से विमुख हो रहे हैं युवा जब हम लोग छोटे थे तो सभी घरों में एक ही रिवाज

चीन-पाकिस्तान से निपटने के लिए हमें सीमाओं को मजबूत रखना होगा।

April 20, 2022

चीन-पाकिस्तान से निपटने के लिए हमें सीमाओं को मजबूत रखना होगा। 1970 और 80 के दशक में चीन और पाकिस्तान

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज-सत्य प्रकाश सिंह

April 18, 2022

राजनीतिक रंगमंच के रंगबाज वर्तमान लोकतंत्र को आधुनिक काल में शासन के सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में देखा जा रहा

आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है

April 18, 2022

 आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है  परीक्षा का थोड़ा तनाव हमें सक्रिय, प्रेरित और हमारा ध्यान केंद्रित करता है परंतु

अपेक्षा और हम- अनिता शर्मा झाँसी

April 18, 2022

अपेक्षा और हम हर रिश्ता सुन्दर प्यारा सा है।हमारे अपने दिल के करीब रहते हैं।सभी प्यारी भावनाओं से जुड़े रहते

Leave a Comment