Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

कितना मुश्किल है गांधी बनना- जितेन्द्र ‘कबीर

कितना मुश्किल है गांधी बनना कितना आसान है!किसी से नाराज होने परउसके अहित की कामना करना,किसी से अपना मत भिन्न …


कितना मुश्किल है गांधी बनना

कितना मुश्किल है गांधी बनना- जितेन्द्र 'कबीर

कितना आसान है!
किसी से नाराज होने पर
उसके अहित की कामना करना,
किसी से अपना मत भिन्न होने पर
उससे सम्बन्ध-विच्छेद करना
किसी का रहन-सहन, तौर-तरीके,
जीवन-पद्धति पसंद न आने पर
उसे अपनी तरह बनाने की
पुरजोर कोशिश करना,
अपने ही मत को सर्वोपरि मानकर
दूसरों को जीवन के अधिकार से भी
वंचित करना,
विरोध में अपने चार पोस्टर देखकर
अपनी जान की सलामती की
दुआ करना,
और कितना मुश्किल है
अन्याय का विरोध
अत्याचारियों से नफ़रत एवं घृणा
किए बगैर करना,
असहमति को भी जरूरी मान
धैर्यपूर्वक सबकी जरूरतों एवं मांगों पर
विचार करना,
इंसानियत को सर्वोपरि मान
मनुष्य सहित सब जीवों के
जीवन-अधिकार का सम्मान करना,
अपने हत्यारे को भी
क्षमा करने का हृदय रखना,
कितना आसान है!
एक हत्यारा बनना,
और कितना मुश्किल है!
एक महात्मा गांधी बनना।

जितेन्द्र ‘कबीर
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

March 5, 2023

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को

हे राम!! | Hey ram

March 5, 2023

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था

द्वारिका में बस जाओ

March 5, 2023

 द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,

सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra

March 5, 2023

 सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर

मेरी दादी माँ| meri dadi maa

March 5, 2023

 मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

PreviousNext

Leave a Comment