Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं

कविताकाश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं बचपन के दिन कितने सुहाने थे काश कभी ऐसा करिश्मा भी हो जाए …


कविता
काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं

काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं
बचपन के दिन कितने सुहाने थे
काश कभी ऐसा करिश्मा भी हो जाए
बचपन के वह सुहाने दिन लौट आए
नया ज़माना छोड़ पुराने जमाने में लौट जाएं

समय का चक्र कुछ पीछे घूम जाए
मम्मी पापा छोटी बहन ऊपर से वापस आ जाएं
फ़िर साथ बैठ देर तक बतियाएं
समय चक्र विनती है कुछ पीछे घूम जाएं

मोबाइल कार कंप्यूटर वापस चले जाएं
मम्मी पापा परियों की बस कहानी सुनाएं
बड़ी हुई भारी जिम्मेदारी वापिस छूट जाए
बचपन के वह सुहाने दिन वापस अा जाएं

हम थोड़े में संतुष्ट हो वह अनुभूति वापस आएं
महल गाड़ी नहीं चाहिए पुराना घर वापस आएं
कुएं तालाब पर रोज़ नहाएं वह दिन वापस आएं
मस्ती करें डॉट खाएं गुस्सा कभी ना आएं

लेखक – कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, 
कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

महाबली हनुमंत

April 25, 2022

महाबली हनुमंत जय जय श्री हनुमंत वीरमां अंजनी के हो तुम जायेअति पराक्रमी बचपन थे तुम्हारेबना दिया सूर्य को खिलौनाराम

कविता-खास

April 20, 2022

खास ! जब तक तुझ में सांस है, सफलता की आस है,खुशनुमा सा एहसास है,पूरा जोश और साहस है,मानो तो

भारत की गाथा

April 20, 2022

भारत की गाथा प्रधानमंत्री संग्रहालय – स्वतंत्रता के बाद सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन और योगदान पर लिखी भारत की गाथा

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है

April 20, 2022

हमारी आस्था, संस्कृति की धारा, सद्भाव, समभाव, समावेश की है देश की बुनियादी नीव अमन चैन, सौहार्दपूर्ण वातावरण, भाईचारा तात्कालिक

शुक्रिया- नाचीज बीकानेरी

April 18, 2022

शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।

आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है

April 18, 2022

 आत्मविश्वास तनावमुक्त परीक्षाओं की कुंजी है  परीक्षा का थोड़ा तनाव हमें सक्रिय, प्रेरित और हमारा ध्यान केंद्रित करता है परंतु

Leave a Comment