Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

कामयाबी के शिखर

कामयाबी के शिखर हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।हमें और भी आगे बढ़ते रहना है। दीवार चाहे कोई आ जाएपहाड़ …


कामयाबी के शिखर

हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।
हमें और भी आगे बढ़ते रहना है।

दीवार चाहे कोई आ जाए
पहाड़ भी क्यों ना आ जाए
उन दीवारों को टप जाएंगे।
पहाड़ों से भी आगे जाएंगे।

एक नई दुनिया भी बसाएंगे।
प्रेम के वहां घर भी बनाएंगे।
नफरतों के दरवाजे को तोड़ जाना है।
हमें कामयाबी शिखर पर चढ़ना है।

कांटे बोने वालों की, है नहीं कमी कोई।
राह भटकाने वालों की, है नहीं कमी कोई।
जोश की सवारी पकड़ी, फिकर नहीं हमें किसी की।
चलते ही रह जाना है, कदम रुकेगी नहीं कभी।

हमें हर विघ्न बाधाओं को, टप जाना है।
हमें कामयाबी के शिखर पर चढ़ जाना है।
खुट्टों से न बंध कर रहने वाले
मिलकर आजादी के गीत गाए।

शिक्षा का हथियार बनाकर
सूझबूझ का सैलाब बन बहना है।

पैरों तले रौंद चुके बहुत ही
अब नहीं जुल्मों को सहना है।
हमें कामयाबी के शिखर पर चढ़ना है।
हमें और भी आगे बढ़ते बढ़ जाना है।

About author

डॉ. इन्दु कुमारी

डॉ. इन्दु कुमारी

मधेपुरा बिहार

Related Posts

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

March 25, 2022

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए

कविता -मां की ममता

March 25, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है, कोई करता कोई नहीं मां

भाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान

March 25, 2022

कविताभाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहन करने बहुभाषावाद को बढ़ावा देने एक भारत श्रेष्ठ भारत का प्रसार करने

सुकूँ चाहता है-सिद्धार्थ गोरखपुरी

March 25, 2022

सुकूँ चाहता है ठिकाना बदलना जो तूँ चाहता है जमाने से क्या तूँ सुकूँ चाहता है?जमाना बुरा है तूँ कहता

नारी- डॉ. इन्दु कुमारी

March 25, 2022

नारी क्या है तेरी लाचारी क्यों बनती तू बेचारीरिश्तो को निभाती आईजैसे बदन को ढकती साड़ीनारी !नारी!!ओ नारीस्व को मिटाने

Leave a Comment