Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

कागज के शेर-जयश्री बिरमी

कागज के शेर एकबार फिर कागजी जलजला आया हैं और पाकिस्तान ने एक नक्शा अपने सोशल मीडिया में दिखाया हैं …


कागज के शेर

कागज के शेर-जयश्री बिरमी
एकबार फिर कागजी जलजला आया हैं और पाकिस्तान ने एक नक्शा अपने सोशल मीडिया में दिखाया हैं ,जिसमे हिंदुस्तान के प्रदेशों को भी दिखाया हैं।जब ३७० हटाई गई तो उसे दिल पर ले बेचारे खान साब की किरकिरी हो गई।जिस जनता को हिन्दूस्तान में आतंकवाद बढ़ा कर,कश्मीर को अपना हिस्सा बता कर वापिस लेने के वादे करके सपने दिखा कर खुश रखने की पॉलिसी थी वह फैल होती देख , और कुछ तो कर नहीं पाए पर कागज पर कारीगिरी शुरू कर दी, जिस से क्या मिलेगा ये तो वोही जाने।वैसे उनके धार्मिक देशों ने भी उन्हे घास डालनी बंद कर दी हैं और कोई भी महत्व नहीं दिया जा रहा हैं तो अपनी आवाम में अपने महत्व दिखाने के लिए ऐसे ही हथकंडे आजमाना शुरू कर दिया हैं।ऐसे अगर नक्शा बदलने से कुछ देश अपने हो जाते होते तो आज उन्हों ने दुनियां के सभी धनी देशों को अपने नक्शे में बता कर अपनी बदहाली को खुशहाली में बदल सकते थे।किंतु ये तो खुश खयाली से ज्यादा कुछ नहीं हैं।जैसे वाणी विलास बोलते हैं,जिसमे हकीकत हो न हो बोल कर खुश होते हैं ,वैसे इस घटना को कागज विलास कहा जा सकते हैं।

आवाम भी जान गई हैं कि उनके देश का दुनियां में कितना महत्व हैं, हालाकि एक न्यूक्लियर स्टेट होते हुए भी अपने आप को कमजोर बनाए ऐसे हालात महंगाई और भुखमरी वाला देश होने से कमजोर ही माना जाता हैं। खाडी के देश भी उनको कोई गिनती में नहीं ले रहे हैं।
फिर क्यों अभी भी खान साब अपने देश के हरेक प्रोब्लम के लिए भारत और विश्व के दूसरे देशों को,जैसे अमेरिका को दोष देते हैं,वह भी भरपूर आक्रोश के साथ।अब देखें तो उनके देश की महंगाई,अशांति आदि जो भी प्रॉब्लम्स हैं वह सब बाहर के देशों की वजह से हैं।वे लोग तो पाक साफ हैं,नादान हैं उनकी दूसरे देशों ने यूज किया हैं।अब आगे देखते हैं ये आर्थिक प्रश्नों से घिरा हुआ देश आगे क्या क्या कहेगा या करेगा पता नहीं।ये फिर खिसियाई बिल्ली खंभों को ही नोचती रहेगी!

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार।

April 19, 2023

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार। हाल के दिनों में पंजाब में खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन के विचार का प्रचार कर

पसंद-नापसंद लोगों की लिस्ट हमें बनाती है पक्षपाती

April 19, 2023

पसंद-नापसंद लोगों की लिस्ट हमें बनाती है पक्षपाती कहा जाता है कि ‘फर्स्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन‘। पर शायद

जीवन में किसका कितना महत्व…..?

April 19, 2023

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात… जीवन में किसका कितना महत्व…..? इस धरा पर असंख्य जीव-जंतु रहते हैं। उनमें से

हाय क्या चीज है जवानी भी

April 19, 2023

हाय क्या चीज है जवानी भी एक गजल है: रात भी नींद भी कहानी भी…यह गजल है रघुपति सहाय, जो

सुपरहिट:सिक्सरबाज सलीम दुरानी का फिल्मी ‘चारित्र्य’

April 19, 2023

सुपरहिट:सिक्सरबाज सलीम दुरानी का फिल्मी ‘चारित्र्य’ बीते रविवार यानी 2 अप्रैल को जिनकी मौत हुई, वह भारतीय क्रिकेट के आलराउंडर

वैश्विक स्तरपर भारतीय भाषाई मिठास से भारतीय साहित्य की प्रतिष्ठा बढ़ी

April 19, 2023

वैश्विक स्तरपर भारतीय भाषाई मिठास से भारतीय साहित्य की प्रतिष्ठा बढ़ी हर भारतीय भाषा का गौरवशाली इतिहास समृद्धि, साहित्य, भाषाई

PreviousNext

Leave a Comment