Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, story

कहानी–अंतिम सीढी/story Antim seedhi

 कहानी–अंतिम सीढी/story Antim seedhi मंदा ने अपनी बहन के लिए कुछ खाना बना के रख दिया और खुद तैयार हो …


 कहानी–अंतिम सीढी/story Antim seedhi

कहानी–अंतिम सीढी/story Antim seedhi
मंदा ने अपनी बहन के लिए कुछ खाना बना के रख दिया और खुद तैयार हो अपना टिफिन पैक कर दफ्तर के लिए चल दी थी।माता पिता के अवसान के बाद मंदा ने ही अपने भाई और बहन को संभाला था।उस वक्त वह अठारह साल की थी,कॉलेज के दूसरे साल की परीक्षा खत्म कर नतीजों का इंतजार कर रही थी।माता पिता किसी की बारात में लखनऊ जा रहे थे और वह अपने भाई और बहन दोनों के साथ घर पर रुकी थी।खूब लाड से खाना बनाके दोनों को खिला पिला रही थी ताकि दोनों को मां की याद न आएं।लेकिन उसे ये नहीं पता था कि दूसरी सुबह कितनी भयानक आने वाली थी।

  सुबह 5 बजे किसी ने दरवाजा बहुत ही जोर से खटखटाया और खटखटाए जा रहा था तो वह हड़बड़ाकर उठी और दरवाजा खोला था।और सामने पड़ोसी चाचा खड़े थे जिनके होश हवास उड़े हुए थे।और जो उन्होंने बताया वह सुनके मंदा के होश ही उड़ गए।और थोड़ी देर बाद शबवाहिनी आई और दोनों के शब आंगन में उतार कर चले गए।पड़ोसियों ने उनके लिए आखरी शैया सजा के रखी थी।उसे उनकी शक्ल देख ने के बाद कुछ होश नहीं रहा,उसे होश तब आया उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई थी,दोनों छोटे भाई बहनों को गले लगाकर वह बिलख बिलख कर रो रही थी और अंतिम बार कभी वापस नहीं आने के लिए चले गाएं।

 तब छोटी मोटी नौकरी कर उसने अपनी ग्रेजुएशन का अंतिम वर्ष पूरा किया और फिर मेहनत से आगे बढ़ती रही और कंपनी की मैनेजर बन गई भाई को डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए हॉस्टल में भेजा और दोनों बहनें साथ रहने लगी।

 बहन के ग्रेजुएशन पूरा होते ही उसने उसे आगे पढ़ने की बात की तो उसने अपनी नामरजी जाहिर की तो उसने अपनी बहन के लिए अच्छा सा , खानदान घर का लड़का ढूंढा और व्याह करवा दिया।और जतिन भी डॉक्टर बन गया तो उसकी भी शादी करदी और वह भी लखनऊ में स्थाई हो गया।भाई और बहन दोनों अपने अपने जीवन में व्यस्त हो गए थे। अब मंदा अकेली रह गई थी।अब उसके पास कोई ध्येय नहीं था बस अनमानी सी सिर्फ नौकरी कर रही थी।

एक बहुत उदास थी, वह बैठ वह सोचने लगी की अब आगे क्या था उसकी जिंदगी में, तीसी के अखरी सालों में उसे शादी करने का भी तथ्य नहीं रहा था तो आगे क्या! उसके जीवन का अखरी पड़ाव यही था!

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

#story

Related Posts

Story-पाश्चाताप(pacchatap)

July 31, 2022

 पाश्चाताप आज फिर दोनों लड़कों ने घर में अशांति फैला दी,खूब लड़े थे आपस में कि कुर्सी भी तोड़ दी।महेश

प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman

July 26, 2022

 प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman       २६ जुलाई को जिनकी पुण्य तिथि है ,उन

Draupadi murmu ka mayurganj se rastrpati bhawan tak ka safar

July 22, 2022

द्रौपदी मुरमू का मयूर गंज से राष्ट्रपति भवन तक का सफर यशवंत सिन्हा का एक टीवी चैनल पर साक्षात्कार सुना

व्यंग –आज कल इंसाफ/aajkal insaaf

July 16, 2022

 आज कल इंसाफ परी और मौर्य मोटर साइकिल पर जा रहे थे।परी और मौर्य की नई नई शादी हुई थी

शिवसेना ने चाणक्य से पंगा लिया हैं (बोलो क्या क्या बचाओगे)

July 2, 2022

शिवसेना ने चाणक्य से पंगा लिया हैं (बोलो क्या क्या बचाओगे) जब से महाराष्ट्र में तीन पहिए वाली सरकार बनी

सुर का जादू

June 29, 2022

 सुर का जादू Jayshree Birmi  एक शहर में चूहों का आतंक बहुत बढ़ गया था।घर,खेत और खलिहानों में खाद्य सामग्री

PreviousNext

Leave a Comment