Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनियां के दिग्गज

कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनियां के दिग्गज ! जी-20 पर्यटन कार्यसमूह सम्मिट कश्मीर श्रीनगर- 23-24 मई 2023 …


कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनियां के दिग्गज !

कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनियां के दिग्गज

जी-20 पर्यटन कार्यसमूह सम्मिट कश्मीर श्रीनगर- 23-24 मई 2023 बनाम ऑपरेशन त्रिनेत्र प्लस ऑपरेशन केसरी हिल

जी-20 सम्मिट कश्मीर को वैश्विक स्तरपर एक पर्यटन स्थल के रूप में आगे बढ़ाएगा – तारीफे काबिल कूटनीति – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर यह प्रसिद्ध है कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक वह इलाका है, जो स्वर्ग या जन्नत के रूप में जाना जाता है। और हर किसी की यह अभिलाषा रहती है कि एक बार जम्मू-कश्मीर की वादियों से ज़रूर होकर आएं पर एक ज़माना था, वहां भारी आतंकवाद के चलते कोई जा नहीं सकता था परंतु अगस्त 2019 में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटा दिया था। जिसे संसद के दोनों सदनों में पारित कर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से अनुच्छेद 370 रद्द हो गया था और इसे दो अलग अलग हिस्सों में विभाजित कर उसे केंद्रशासित प्रदेश घोषित कर दिया गया था जो अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के रूप में जाने जाते हैं। चूंकि जी20 का पर्यटन सम्मिट श्रीनगर में होने की घोषणा की गई है, इसलिए मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से हम चर्चा करेंगे, कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनिया के दिग्गज !
साथियों बात अगर हम श्रीनगर में 22-25 मई 2023 को होने वाले सम्मिट की करें तो कश्मीर घाटी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर जी-20 बैठक की मेजबानी करेगी,जिसमें श्रीनगर बैठकों का मुख्य स्थान होगा। हालांकि विशेष बलों और ड्रोन रोधी तकनीक के साथ हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है लेकिन सुरक्षा कारणों से मुख्य स्थल की घोषणा नहीं की गई है। मीडिया में आया है कि चीन को छोड़कर जी20 के सभी देशों के प्रतिनिधि 23 मई को श्रीनगर में पर्यटन के कार्यकारी समूह की बैठक में भाग लेंगे। जी20 के प्रतिनिधि 22 मई को श्रीनगर पहुंचेंगे और 23 मई को बैठक होगी। 24 मई को प्रतिनिधियों को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। दूसरे देशों से आए प्रतिनिधियों को घाटी के दर्शन कराए जाएंगे जिसमें डल झील,शिकारा की सवारी दाचीगाम वन्यजीव अभ्यारण्य और गुलमर्ग का स्की रिसॉर्ट शामिल है, इसके बाद प्रतिनिधियों का 25 मई को नई दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है, हालांकि सुरक्षा कारणों से सटीक यात्रा कार्यक्रम को गुप्त रखा गया है।
साथियों बात अगर हम सुव्यवस्था और सुरक्षा की करें तो जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक की मेजबानी करने की तैयारी में सरकार और लोग समान रूप से भाग ले रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है, तैयारियां जोरों पर हैं। श्रीनगर को एक वैश्विक शहर के रूप में केंद्र स्तरपर लाने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीनगर के निवासी शहर के कायाकल्प के लिए सरकार के सभी प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद वे शिकायत नहीं कर रहे हैं। लोग सहयोग कर रहे हैं क्योंकि वे समझ गए हैं कि उनका शहर एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जो श्रीनगर को वैश्विक महत्व के पर्यटन केंद्र में बदल देगा।श्रीनगर हवाई अड्डे कोअंतरराष्ट्रीय उड़ानों को समायोजित करने के लिए अपग्रेड किया गया है। रात में लैंडिंग की सुविधा दी गई है, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। अपर्याप्तता और विसंगतियों को दूर करने के लिए श्रीनगर को सक्षम बनाने के लिए कई अन्य कदम उठाए गए हैं। पिछले तीन दशकों के दौरान जम्‍मू और कश्‍मीर का दौरा करने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ को समायोजित करने के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है, इसको लेकर श्रीनगर नगर निगम के आयुक्त और स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ का मीडिया में कहना है,जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र के लिए जी-20 एक महत्वपूर्ण इवेंट होने जा रहा है, ये इवेंट कश्मीर को वैश्विक स्तर पर एक पर्यटन स्थल के रूप में आगे बढ़ाएगा। हम इस आयोजन को सफल बनाना चाहते हैं और शहर को अधिक आकर्षक भी बना रहे हैं।
साथियों बात अगर हम चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की करें तो, अधिकारियों ने कहा कि खोजी कुत्ते आतंकवादियों या विस्फोटकों की आवाजाही को रोकने के लिए वाहनों की जांच में सुरक्षाकर्मियों की मदद कर रहे हैं।अधिकारियों नें मीडिया में बताया कि सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि कश्मीर इस महीने के अंत में जी-20 पर्यटन कार्य समूह की तीसरी बैठक की मेजबानी करेगा।उत्तरी कश्मीर में पिछले पांच दिनों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच लगातार तीन मुठभेड़ हुई हैं, जिसमें पांच आतंकवादी मारे गए हैं। इन पांच आतंकवादियों में से तीन आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के रहने वाले थे अधिकारियों ने मीडिया में कहा कि गुलमर्ग पर्यटन स्थल के करीब उत्तरी कश्मीर में आतंकवादियों की मौजूदगी ने घाटी में एक बड़े आतंकी हमले की आशंका को जन्म दिया है।पुलिस अधिकारियों ने मीडिया में कहा कि जी-20 की बैठक से पहले हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों की किसी भी संभावित योजना को विफल करने के लिए सुरक्षाबल सतर्क हैं। टीवी चैनलों में दिखाया गया कि बारामूला के वरिष्ठपुलिस अधीक्षक ने कहा कि खुफिया तंत्र कड़ी मेहनत कर रहा है और सुरक्षाबल खतरों को बेअसर करने में सक्षम हैं।एसएसपी ने कहा,शिखर सम्मेलन के लिए हमारे सुरक्षाबल सतर्क हैं। हमारी खुफिया एजेंसियां भी कड़ी मेहनत कर रही हैं, हमारा सुरक्षा नेटवर्क काफी मजबूत है।इसलिए हमें क्षेत्र में सभी संदिग्ध गतिविधियों की समय पर जानकारी मिल रही है।
साथियों बात अगर हम ऑपरेशन त्रिनेत्र की करें तो जम्मू कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए सेना ऑपरेशन त्रिनेत्र चला रही है। यह ऑपरेशन भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस संयुक्त रूप से चला रही है। इसके तहत राजौरी और बारामुला में दो आतंकियों को मारा गया है। 5 मई 2023 को आंतकी हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। इसके जवाब में सेना ने ऑपरेशन त्रिनेत्र लॉन्च कर दिया। सुरक्षा बल रजौरी, पुंछ समेत रियासी और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं है जब भारतीय सेना ने आंतकियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र चलाया है। त्रिनेत्र शब्द का अर्थ होता है तीन आंखें जो कि हिंदू धर्म में देवी दुर्गा के एक रूप को दर्शाता है। इस ऑपरेशन में आतंकियों पर सेना संयुक्त ऑपरेशन चलाकर प्रहार कर रही है। भारतीय सेना पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जहां भी आतंकियों के छिपे होने की संभावना है वहां सुरक्षा बल छापेमारी कर रहे हैं। दरअसल राजौरी के कोटरंका का केसरी हिल का इलाका काफी खतरनाक है। यहां कटीली झाड़ियां और बड़े-बड़े पत्थरों के बोल्डर हैं। इस इलाके में आतंकियों को छिपने की जगह मिल जाती है। यहां 12 से ज्यादा गुफाएं हैं। लेकिन अब सुरक्षाबल अलर्ट हैं और चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं ऐसा रविवार को एक टीवी चैनल में दिखाया गया।
साथियों बात अगर हम ऑपरेशन केसरी हिल की करें तो, राजौरी के कोटरंका का केसरी हिल का इलाका काफी खतरनाक है। अगर भौगोलिक तौर पर देखा जाए तो इस इलाके में कटीली झाड़ियां और बड़े-बड़े पत्थरों के बोल्डर मिल जाते हैं, जो आतंकियों के लिए ढाल का काम करते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में 12 से अधिक प्राकृतिक गुफाएं भी हैं, जिनमें आतंकी बड़ी घटना को अंजाम देकर या फिर घुसपैठ करके छुप जाते हैं। यही गुफाएं इन दिनों सुरक्षाबलों के लिए एक टेढ़ी खीर बनी हुई हैं। इसी केसरी हिल के इलाके का फायदा उठा करके आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर आईईडी ब्लास्ट किया। इसके बाद सुरक्षाबलों को काफी नुकसान पहुंचा। रविवार को एक टीवी चैनल पर इस मामले को एक प्रोग्राम के द्वारा दिखाया गया।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि कश्मीर घाटी की वादियों में दाखिल होंगे दुनियां के दिग्गज ! जी-20 पर्यटन कार्यसमूह सम्मिट कश्मीर श्रीनगर- 23-24 मई 2023 बनाम ऑपरेशन त्रिनेत्र प्लस ऑपरेशन केसरी हिल।जी-20 सम्मिट कश्मीर को वैश्विक स्तरपर एक पर्यटन स्थल के रूप में आगे बढ़ाएगा – तारीफे काबिल कूटनीति है।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

जन संख्या नियंत्रण कानून जल्दी से लागू हो

July 13, 2022

 “जन संख्या नियंत्रण कानून जल्दी से लागू हो” प्रतिवर्ष 10 जुलाई जनसंख्या नियंत्रण दिवस पर सबको याद आता है कि

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2022 पर विशेष

July 13, 2022

 विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2022 पर विशेष  बेरोजगारी, भुखमरी, अशिक्षा रूपी समस्याओं से छुटकारा सहित भविष्य के अवसर, अधिकार

आओ स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं

July 13, 2022

 आओ स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं  मानव समाज समुद्र और महासागरों की प्राकृतिक संपदा से लगातार

मिशन वात्सल्य /mission vatsalya

July 13, 2022

 मिशन वात्सल्य /mission vatsalya  भारत के हर बच्चे के लिए हमें स्वस्थ खुशहाल बचपन सुनिश्चित करना, संवेदनशील समर्थनकारी और समकालीन

कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान,

July 13, 2022

 कमाई की होड़ में शिक्षण संस्थान, शिक्षा का बाजार या बाजार की शिक्षा। प्रियंका ‘सौरभ’ शिक्षा के व्यावसायीकरण के कारण

भारत और शिंजो आबे| india and shinzo Abe

July 10, 2022

 भारत और शिंजो आबे (आबे प्रत्येक माध्यम से भारत के साथ खड़े थे। डोकलाम संकट और मौजूदा गतिरोध के दौरान

Leave a Comment