Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

कवि का ह्रदय है – नंदिनी लहेजा

शीर्षक-कवि का ह्रदय है  कवि का ह्रदय है खजाना विचारों का , कविता हैं उसकी कुंजी।हँसाते, रुलाते,कभी दिल को छू …


शीर्षक-कवि का ह्रदय है 

कवि का ह्रदय है
कवि का ह्रदय है खजाना विचारों का ,

कविता हैं उसकी कुंजी।
हँसाते, रुलाते,कभी दिल को छू जाते
ये शब्द ही उनकी पूँजी।
कविता हैं हर एहसास जो,
मानव तू महसूस करता।
पिरोता उन्ही एहसासों को माला में शब्दों की ,
कवि फिर तू कहलाता।
बालक के बालपन को तो,
कभी यौवन की अठेलियों को।
जीवन के अनुभवों को कभी तो,
समाज के प्रति कर्तव्यों को।
कभी प्रेम इसमें छलकता,
कभी राग की ज्वाला जलती।
कभी श्रृंगार से सरोबर,
तो कभी हास्य की फुहार चलती।
जब तक जीवन कवि का,
हर रंग को है कलम कहती।
ना रोकना इसे कभी,
कवि की कविता उसकी धड़कन सी होती।

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

मैं मणिपुर हूं | main Manipur hun kavita

August 11, 2023

मैं मणिपुर हूं सुन सको तो सुनो, दिल को मजबूत कर, दास्तां अपने ग़म की बताता हूं मैं,मैं मणिपुर हूं,

मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई

August 11, 2023

मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई दर्द-ए चीख मेरी, मेरे ही भीतर तोड़ मुझे घुटके रह गईनकाब हंसी

Munshi premchandra par kavita |प्रेमचंद

July 31, 2023

प्रेमचंद Munshi premchandra एक ख़्वाहिश है, कि कभी जो तुम एक दोस्त बनकर मिलो,तो कुल्हड़ में चाय लेकर,तुम्हारे साथ सुबह

सात सुरों से भर दो | saat suron se bhar do kavita

July 28, 2023

सात सुरों से भर दो सात सुरों से भर दो बेरंग सी हुई मेरी दर्द-ए जिंदगी में, रंग भर दो

नव वसंत | Nav basant by priti Chaudhary

July 24, 2023

नव वसंत नव वसंत तुम लेकर आना, पतझर सा है यह जीवन। सूख चुकी है सब शाखाएँ, झरते नित ही

कविता -जीभ|ज़बान | kavita :jeebh | jaban

July 21, 2023

कविता -जीभ|ज़बान | kavita:jeebh | jaban आवाज़ की तेरे मैं साथी,स्वाद से कराती तेरी पहचान।चाहे हो भोजन या फिर रिश्ते,मेरा

PreviousNext

Leave a Comment