Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-हमें लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली/Loktantra par kavita

कविता-हमें लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली अहिंसात्मक सोच सच्चे उपयोग की …


कविता-हमें लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं
हमारी किस्मत खुली
अहिंसात्मक सोच सच्चे
उपयोग की युक्ति मिली

आध्यात्मिकता से आत्मशुद्धि
की अनमोल ताकत मिली
लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की
सामूहिक विरासत मिली

भारत में धर्मनिरपेक्षता
की अभूतपूर्व सौगात मिली
अधिकारों की रक्षा और
कर्तव्यों के पालन के लिए युक्ति में मिली

संविधान जैसी अनमोल सर्वश्रेष्ठ
ताकतवर ताकत मिली
नए भारत का निर्माण
करने गतिमान शक्ति मिली

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं
हमें मां भारती मिली
भारतीय सभ्यता संस्कृति
की विरासत हमें मिली

हमारी पीढ़ियों की किस्मत खुली
विरासत में ज्ञान की खान मिली
अध्यात्मिक विचारधारा हमें मिली
भारतीय हवा में सांस लेने की चाहत मिली

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

स्वयं प्रेम कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

स्वयं प्रेम! स्वयं प्रेम की परिभाषा,बस खुद से करें हम आशा,स्वयं का रखें पूरा ख्याल,खुद से पूछे खुद का हाल!

हार कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

हार! बेहतर होने का अनुभव देती हैं,यह तो सीरीफ एक परिस्थिति है,सफलता का सबसे बड़ा रास्ता होती है,कुछ देर की

21 वीं सदी की नारी-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

21 वीं सदी की नारी! उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉपकरो परीक्षा की तैयारी,कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटोअपने घर की

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

Leave a Comment