Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है

कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है संवाद हर समस्या का उपचार है विश्वास रखोे मिलेगा फ़ल देर सही …


कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है

कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है

संवाद हर समस्या का उपचार है
विश्वास रखोे मिलेगा फ़ल
देर सही दुरुस्त होगा
आज़ नहीं तो कल

संवाद से ही निकलेगा
समस्याओं का हल
धैर्य विनम्रता गमकसर
बनाएंगे संवाद को सफ़ल

निर्बाध होकर सबसे पहले
करनी होगी पहल
चार कदम पीछे होकर
छोड़नी होगी जिद की नक्कल

पुलिस अदालत में बचेगा समय
परेशानियां होगी सरल
राष्ट्र सेवा भी हो जाएगी
जीवन होगा सफ़ल

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

उलझे-बिखरे सब”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

ऐ उम्मीद -सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 3, 2021

ऐ उम्मीद ऐ उम्मीद! मैं तुमसे छुटकारा चाहता हूँ। क्योंकि मैं खुश रहना ढेर सारा चाहता हूँ।तुम न होती तो

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल”-हेमलता दाहिया.

December 3, 2021

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल” बात बात में शामिल हैं,जाति धर्म के बोल.खोखले वादे खोल रहे हैं,हैं विकास

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो

Leave a Comment