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कविता-समाज में और जागरूकता लाए !

समाज में और जागरूकता लाए ! समाज में जागरूकता लाए,सभी को शिक्षित बनाए,बेटियों को बराबरी का दर्जा दिलाए, समाज में …


समाज में और जागरूकता लाए !

डॉ. माध्वी बोरसे!

समाज में जागरूकता लाए,
सभी को शिक्षित बनाए,
बेटियों को बराबरी का दर्जा दिलाए,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं !

कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाएं,
बाल विवाह के खिलाफ खड़े हो जाएं,
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं!

दहेज पर प्रतिबंध लगाए,
कुरीतियों से कैसे लड़ना है, सबको समझाएं ,
तंबाकू, शराब की लत को छुड़वाए,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं !

समाज में, सामाजिक समानता लाएं,
जाति प्रथा धर्मनिरपेक्ष को छोड़कर मानवता का धर्म अपनाएं,
सभी को सम्मान देते चले जाएं ,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं !

अहिंसा का रास्ता अपनाएं ,
शांति और प्रेम से प्रयास करते चले जाए ,
हर जरूरी कानून की जानकारी पाएं,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं !

आसपास स्वच्छता को बढ़ाएं,
कल्याण के कार्यों को अपनाएं,
देश के नागरिक होने के प्रति अपने कर्तव्य को बखूबी निभाए,
समाज में थोड़ी और जागरूकता फैलाएं!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


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