Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता –रक्तदान महादान kavita – raktdan mahadan

विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून 2023 के उपलक्ष में मानव को रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करने पर आधारित यह …


विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून 2023 के उपलक्ष में मानव को रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करने पर आधारित यह कविता है क्योंकि रक्त से घायल या बीमार मनुष्य का जीवन बचाया जा सकता है इसीलिए रक्तदान महादान है।

भावनानी के भाव

रक्तदान महादान

कविता –रक्तदान महादान kavita - raktdan mahadan

रक्तदान से बड़ा न कोई दान
मानवता की इंसानियत ही शान
रक्त बचाता है घायलो की जान
रक्तदान महादान

रक्तदानी का जग करे सम्मान
दान व्यर्थ नहीं जाता मिलता है वरदान
विपरीत स्वास्थ्य में रक्त बचाता है जान
रक्तदान महादान

सर्वधर्म मानव सेवा यही रखना ध्यान
मानवता की मानवता ही पहचान
रक्तदान में धर्म की नहीं कोई पहचान
रक्तदान महादान

रक्तदान जाया न जाए करना ध्यान
रक्तदान बिक न पाए रखना ध्यान
कालाबाजारी न हो इसका रखना ध्यान
रक्तदान महादान

रक्तदान से ही मिलता है जीवनदान
मानव तब कहलाता है सबसे महान
रक्तदाता का सारे जग में करते गुणगान
रक्तदान महादान

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत

प्रणय जीवन- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

प्रणय जीवन प्रेम जीवन में प्रवाहित,प्रेम से जीवन जुड़ा है,प्रेम का परिणाम हम हैं,प्रेम को जीवन समर्पित ।। जिंदगी पर्याय

जीने का अनुराग नहीं – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

जीने का अनुराग नहीं प्यासी है नदियां प्यासा है सावन,बर्षा की बेला प्यासा है चातक ,प्यासी है धरती प्यासा है

राधा की पीड़ा- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

राधा की पीड़ा चल केशव बरसाना जाना,रूठ गयी जहां राधा रानी ,वृंदावन को भूल गयी है ,अपनों से भी रूठ

देर लगेगी- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 6, 2022

देर लगेगी बदल गया जमाना है…. जरा देर लगेगीन कोई ठौर ठिकाना है…..जरा देर लगेगीतुम होते जो कुत्ते! तो लेते

Leave a Comment