Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

कविता – याद करती हो?

याद करती हो? सुनो दिकु…. क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?मेरी तरह क्या तुम भी, आँखें बंदकर मुज़ …


याद करती हो?

कविता – याद करती हो?

सुनो दिकु….

क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?
मेरी तरह क्या तुम भी, आँखें बंदकर मुज़ से बात करती हो?

गज़ब का मोड़ ले लिया, तुम ने और ज़िन्दगी ने तुम्हारी
पर आज भी, तुम्हें हरपल याद करने की आदत है हमारी

क्या प्रेम के प्यार पर, आज भी विश्वास करती हो?
सुनो दिकु, क्या आज भी तुम मुज़े याद करती हो?

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

Related Posts

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

January 15, 2022

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 15, 2022

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी

मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा- R.S.meena Indian

January 15, 2022

कविता -मैं तेरा दांत तोड़ दूंगा मिल जाये गर रहबर ,हर बात छोड़ दूँगा । कह दूं सोहबतों से, मैं

शोषण- चन्दानीता रावत

January 15, 2022

शोषण जागो मानव के मन, जागोशोषण के विरूद्ध चुपी तोडो़समाज के काले विचारों सेरिश्ता तोडो़, दो जवाब मुड़ कर इनरुढ़िवादी

Leave a Comment