Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है/ muskan me mithas ki parchhai hai

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है मुस्कान में मिठास की परछाई है इस कला में अंधकारों में भी भरपूर खुशहाली …


कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है

मुस्कान में मिठास की परछाई है
इस कला में अंधकारों में भी
भरपूर खुशहाली छाई है
स्वभाव की यह सच्ची कमाई है

मीठी जुबान का ऐसा कमाल है
कड़वा बोलने वाले का
शहद भी नहीं बिकता
मीठा बोलने वाले की
मिर्ची भी बिक जाती है

मुस्कान उस कला का नाम है
भरपूर खुशबू फैलाना उसका काम है
अपने स्वभाव में ढाल के देखो
फिर तुम्हारा नाम ही नाम है

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं
अटके काम पल भर में पूरे होते हैं
सुखी काया की नींव होते हैं
मानवता का प्रतीक होते हैं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

अपना एक घर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

अपना एक घर बहुत आलीशान न भी हो,मामूली-सी छत के नीचे होचाहे साधारण सा एक कमरा,घांस-फूस से बनी झोंपड़ी होअथवा

सोच में अंतर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

सोच में अंतर जितना कर सकते थे, उससे कहीं ज्यादा बढ़करकरते हैं मां – बापअपनी औलाद के लिए मगर शिकायत

हत्याओं का वर्गीकरण- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

हत्याओं का वर्गीकरण दुनिया के बहुत से देशों में सत्ता धारियों की नीतियों केविरोध में उभरी आवाजों की हत्याएं,उस देश

निडर बनो-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

निडर बनो! चुनौतियों का सामना करते हैं,सच्चाई के लिए लड़ते हैं,इंसानियत पर डट कर चलते हैंचलो निडर बनते हैं! आंसुओं

मां भारती का लाल-हेमलता दाहिया…

December 10, 2021

“मां भारती का लाल” था वीर पुत्र वो बलिदानी,देता दुश्मनों को ललकार.मुख मंडल में तेज सूर्य,आंखो में ज्वाला अंगार .रग-रग

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 10, 2021

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

Leave a Comment