Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन लाना हैं

कविता-भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन लाना हैं सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन को आखरी छोर तक …


कविता-भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन लाना हैं

सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं
भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन को
आखरी छोर तक ले जाना हैं
हृदय में ऐसा जज्बा लाना है

भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैं
साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाना हैं
संकल्प लेकर सुशासन को
आखिरी छोर तक ले जाना हैं

भारत को परिवर्तनकारी
पथ पर ले जाना हैं
सबको परिवर्तन का सक्रिय
धारक बनाना हैं

न्यूनतम सरकार अधिकतम
शासन प्रणाली लाना हैं
सुशासन को आखिरी
छोर तक ले जाना हैं

भारतीय लोक प्रशासन को
ऐसी नीतियां बनाना हैं
वितरण प्रणाली में भेदभाव
क्षमता अंतराल को दूर करना हैं

लोगों के जीवन की गुणवत्ता
कौशलता विकास में सुधार करके
सुखी आरामदायक बेहतर
ख़ूबसूरत जीवन बनाना हैं

सुविधाओं समस्यायों समाधानों
की खाई पाटना हैं
आम जनता की सुविधाओं को
अधनुतिक तकनीकी से बढ़ाना हैं

प्रौद्योगिकी पर जोर देकर
विकास को बढ़ाना हैं
कल के नए भारत को
साकार रूप देना हैं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया

April 27, 2022

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया भारत का बौद्धिक संपदा में हर साल बेहतर प्रदर्शन हो रहा है

दुनियां का मंच – भारत सरपंच

April 27, 2022

दुनियां का मंच – भारत सरपंच भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा

पत्रकारिता एक मिशन

April 27, 2022

पत्रकारिता एक मिशन लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करने एक स्वतंत्र, बंधन मुक्त, मज़बूत और जीवंत मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान

बुलडोज़र पर घमासान!!

April 27, 2022

बुलडोज़र पर घमासान!! बुलडोज़र पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

Leave a Comment