Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया टेबल के नीचे पैसे लेकर परिवार बढ़ाया कितना भी समेट …


कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया
भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

टेबल के नीचे पैसे लेकर परिवार बढ़ाया
कितना भी समेट लो साहब
यह वक्त है बदलता जरूर है

सरकारी पद था उसकी यादें बहुत है
जिंदगी गुजर गई सबको खुश करने में
परिवार कहता है तुमने कुछ नहीं किया
सुनकर कहता हूं समय है बदलता जरूर है

अनुभव कहता है उस समय ठस्का था
पद पर बैठकर रुतबा मस्का था
भ्रष्टाचार में जीवन खोया पैसों का चस्का था
पद कारण भ्रष्टाचार का चस्का था

अब स्थिति जानवर से बदतर है
अब खामोशियां ही बेहतर है
पाप की कमाई का असर है
अब जिंदगी दुखदाई बसर है

खामोशियां ही बेहतर हैं
शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं
बात बात पर लोग चिढ़ते बहुत हैं
गुस्से में रिश्ते टूटते बहुत हैं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2022 पर विशेष

May 14, 2022

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2022 पर विशेष परिवार से बड़ा कोई धन नहीं – पिता से बड़ा सलाहकार, मां

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष कविता

May 14, 2022

 विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष  कविता प्रथम गुरु है माता पिता जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं 

टूट रहे परिवार !

May 14, 2022

टूट रहे परिवार ! बदल गए परिवार के, अब तो सौरभ भाव ! रिश्ते-नातों में नहीं, पहले जैसे चाव !!

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर

May 11, 2022

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!

May 11, 2022

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!! मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर! हमेशा ऐसे हंसते मुस्कुराते रहो कि आपको देखकर

हेलमेंट और पत्नी दोनों सुरक्षा कवच!

May 10, 2022

 हेलमेंट और पत्नी दोनों सुरक्षा कवच!!  स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी  हेलमेंट और पत्नी दोनों का स्वभाव एक जैसा –

Leave a Comment