Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती हैसमय आने पर मां रणचंडी दुर्गा, …


कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

भारतीय संस्कृति में नारी
लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है
समय आने पर मां रणचंडी दुर्गा,
काली का स्वरूप होती है

नारी ऐसी होती है जो सभी
रिश्तो को एक धागे में पिरोती है
मां बहन पत्नी बेटी बन
हर रिश्ते को संजयोती है

मत समझ अब अबला
नारी सबला होकर जीती है
हर क्षेत्र में नारी आगे
भारत कि अब यह नीति है 

सम्मान करो नारी का वो
ममता प्यार वात्सल्य का स्वरूप होती है
अपमान न करना नारी का
आज की नारी सबला होती है

कौन कहता है इस युग में
नारी अबला होती है
आज की दुनिया में
नारी सबला होती है

करुणा दया नम्रता ममता से
उसकी परख होती है
इसका मतलब यह ना समझना
वह कमजोर होती है

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

सफर ए इश्क़- R.S.meena Indian

January 6, 2022

कविता – सफर ए इश्क़ जिस दिन होगी अपने प्यार की शुरुआत । उस दिन तुमसे,हम अपनी वफ़ा जता देंगे

कैलेण्डर बदल जाएगा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

कैलेण्डर बदल जाएगा बदलता आ रहा है जैसेसैंकड़ों सालों सेवैसे ही यह साल भी बदल जाएगा,कुछ यादें खट्टी – मीठीदर्ज

आम जनता का नसीब- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

आम जनता का नसीब आम जनता के लिएधर्मस्थलों पर ईश्वर के दर्शन हेतूप्रक्रिया अलग हैऔर ‘वी.आई.पी.’ के लिए अलग, जनता

सोचो जरा उनके बारे में भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सोचो जरा उनके बारे में भी तुम दुखी होकि इन सर्दियों में महंगीब्रांडेड रजाई नहीं खरीद पाए,जिन्हें मयस्सर नहींकड़कती सर्दी

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ ‘तुम्हारा साथ’ मेरे लिएहै एक तरह कीमृगतृष्णा सा,दूर कहीं झिलमिलाताहुआ साबुलाता है मुझे अपने पास,तुम्हारे दुर्निवार

इंसानियत को बचाओ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

इंसानियत को बचाओ दुनिया मेंकहीं भी हो रहा हो अन्यायतो उसके खिलाफ आवाज उठाओ,रोकने की उसे करो पुरजोर कोशिशेंविरुद्ध उसके

Leave a Comment