Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

कविता बोलती जिन्दगी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

बोलती जिंदगी बोलती जिंदगी, पूछती रह गई,कुछ तो बोल,मौन क्यो हो गये ?धर्म के नाम पर,कर्म के नाम पर,आज क्यों …


बोलती जिंदगी

कविता बोलती जिन्दगी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोलती जिंदगी,

पूछती रह गई,
कुछ तो बोल,
मौन क्यो हो गये ?
धर्म के नाम पर,
कर्म के नाम पर,
आज क्यों बट रहे
कुछ तो बोल। ।।

बोलती जिंदगी-
त्याग का महत्व है,
त्याग कितना किया,
जिंदगी तू बता ।
निस्वार्थ त्याग है कहां,
तू बता ,
बोलती जिंदगी
पूछती अनेक प्रश्न ।

जिंदगी के प्रश्न पर,
मौन हैं हम सभी ,
हम सभी घिर गए ,
बोलती है जिंदगी ।
चरित्र के निर्माण पर ,
काव्य के विकास पर ,
कुछ तो लिख ,
बोलती है जिंदगी ।

चित्र बनते गए ,
चरित्र तो बना नहीं ,
बोलती है जिंदगी
मौन क्यो हो गये ।
पहचान तो चरित्र है ,
कह रही है जिंदगी ,
बोलती कलम जहां ,
बोलती है जिंदगी। ।

जाति और धर्म के ,
नाम पर है बटा ,
तू बता ,
क्यों मेरी जिंदगी ।
स्वार्थ में तो डूब गई ,
आज मेरी जिंदगी ,
उंगली उठा रही ,
बोलती जिंदगी। ।।

बोलती जिंदगी ,
मंच है तेरा मेरा ,
आओ मिलकर लिखें ,
देश के लिए जिए।
देश है जहान है ,
हम और आप हैं ,
हम और आप,
राष्ट्र की पहचान हैं। ।।

एक समीक्षा है अगर,
बोलती जिंदगी ,
आज तक किया है क्या?
पूछती है जिंदगी
जिंदगी तू बता ,
बोलती जिंदगी। ।

डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोकारो स्टील सिटी
झारखंड ।


Related Posts

मेरे किस्से -सतीश सम्यक

February 7, 2022

मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

नब्ज/नेता- सधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

नब्ज/नेता मैं नेता हूं मगर मैं दूसरे किस्म का नेता हूंगली गली नहीं भटकताजनता की नब्ज नहीं टटोलता,क्योंकि मुझे खुद

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम- सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम हे बापू हे राष्टृपिता संत साबरमती केपुजारी अहिंसा केतुम्हें नमन हैकोटि कोटि प्रणाम है।देश में आज

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

दोस्तों के नाम की शाम आइए!कुछ करते नहीं तो बस इतना करते हैं,एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,मौज मस्ती

Leave a Comment