Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prithvi Singh Beniwal

कविता -बुजुर्ग

बुजुर्ग घर का मानबुजुर्गों का सम्मानजीवन ज्ञान।। दादा की यादउनका आशीर्वादहम आबाद।। दादी सुकूनघर की शान रहीदुर्भाव नहीं।। है मात-पिताहमारे …


बुजुर्ग

घर का मान
बुजुर्गों का सम्मान
जीवन ज्ञान।।

दादा की याद
उनका आशीर्वाद
हम आबाद।।

दादी सुकून
घर की शान रही
दुर्भाव नहीं।।

है मात-पिता
हमारे भगवान
सदा महान।।

उनसे चैन
हमारे है बेचैन
हमसे चैन।।

मातृ आंचल
सुरक्षित है जीवन
सरजीवन।।

देते आशीष
अंकल अर आँटी
देवे गारंटी।।

बुजुर्ग हंसी
है जीवन की सीख
मिटादे झीख।।

है पहचान
देती सुरक्षा ज्ञान
जीना आसान।।

बिन बुजुर्ग
घर रहता सूना
है समझना।।

न बीमार हो
कभी ना लाचार हो
वे ही सार हो।।

माँ आए याद
उनका आशीर्वाद
सुखी हैं आज।।

पूज्य पिताश्री
को मेरा है प्रणाम
बड़े महान।।

जीवन में है
सफल कर दिया
आशीष दिया।।

हम सबका
आधार परिवार
यही विचार।।

है पृथ्वीसिंह
आपकी ही संतान
करूं प्रणाम।।

About author 

कवि पृथ्वीसिंह बैनीवाल
#313, सेक्टर – 14, हिसार (हरियाणा)


Related Posts

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

September 17, 2022

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती हैसमय आने पर मां रणचंडी दुर्गा,

कविता-भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन लाना हैं

September 17, 2022

कविता-भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन लाना हैं सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं भ्रष्टाचार को रोककर सुशासन को आखरी छोर तक

मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत।

September 13, 2022

मानसिक स्वास्थ्य के सिद्धांत। pic credit – freepik.com हमेशा कुछ न कुछ नया सिखिए, स्वास्थ्य और शरीर का पूर्ण रूप

कहां खो रही है….?

September 13, 2022

नन्हीं कड़ी में…. 🌞 आज की बात 🌞 🌹 कहां खो रही है….?(कविता)🌹 Pic credit – freepik.com मेरे देश की

हिंदी हृदय गान है

September 13, 2022

हिंदी हृदय गान है Pic Credit -freepik.com आन-बान सब शान है, और हमारा गर्व। हिंदी से ही पर्व है, हिंदी

कविता-तब से आदमी भी पेंड़ होना चाहता है ..!

September 13, 2022

 कविता-तब से आदमी भी पेंड़ होना चाहता है ..!  Pic credit -freepik.com मैं उस हरकारे के बच्चों को भी उसी

PreviousNext

Leave a Comment