Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में …


कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता)

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)
प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया

बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में छाया
पता नहीं युवाओं ने यह दिमाग में क्यों बसाया
पता चला अब पाश्चात्य तरीका है आया

दिल से प्रेम को भारतीयों ने ऐसे दिल में बसाया
भाई-बहन माता-पिता पर प्रेम बरसाया
अनाथ गरीब दिव्यांगों पर दुलार बरपाया
वो बोले हमारे लिए तो बस सेवा का दिन आया

कुछ लोगों ने प्रेम सिर्फ़ प्रेमिका पर लुटाया
हमने दिव्यांगों को फल देकर प्यार लुटाया
अनाथों गरीबों के साथ दिन बिताया प्रेम लुटाया
जीवन की खुशियों का असली एहसास पाया

झूठा प्रेम पाश्चात्य सभ्यता लाया
देशी कर्मठ सच्चे प्यार को भुलाया
देशी संस्कृति से हमने सब कुछ पाया
पाश्चात्य झूठे प्रेम ने उन सब को भुलाया-3

About author

Kishan sanmukhdas bhavnani
-रचनाकार- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि,एडवोकेट केशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

बढ़े चलो /badhe chalo

August 8, 2022

बढ़े चलो  भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा, गर्व की अभिव्यक्ति कर युवाओं में देशभक्ति की गहरी भावना पैदा

भारत छोड़ो आंदोलन दिवस 8 अगस्त 2022 पर विशेष

August 8, 2022

भारत छोड़ो आंदोलन दिवस 8 अगस्त 2022 पर विशेष  आओ भारत छोड़ो आंदोलन से प्रेरणा लेकर, खाओगे तो जाओगे जन

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

Leave a Comment