Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को …


कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

एड किशन भावनानी
हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही
व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है
कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को
धरातल पर वास्तविक लाना ज़रूरी है

हर स्तर पर होगी अगर वास्तविक ज़वाबदेही
उस स्तर का पदासीन बच नहीं पाएगा
फ़ाइल उसके स्तर से आगे कैसे गई
ज़वाब के दायरे में लाना ज़रूरी है

मीडिया में हाई प्रोफाइल केस हमने देखे
एक दूसरे स्तर का बचाव करते भी देखें
चोर चोर मौसेरा भाई कहावत भी देखें
समझते हैं नीचे से ऊपर आई कारगुज़री है-4

इसलिए सीएम ने कहा ज़वाबदेही
पर व्यवहारिक नहीं वास्तविक कार्यवाही
हर स्तर पर दोषी को किए का
वास्तविक दंड देना ज़रूरी है-4

-लेखक- कर विशेषज्ञ, स्तंभकार,कानूनी लेखक,चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

ढलता सूरज- जयश्री बिरमी

April 18, 2022

ढलता सूरज मां हूं उगते सूरज और ढलते सूरज सीउगी तो मां थी विरमी तब भी मां ही थीजब हौंसले

कविता -रश्क- सिद्धार्थ गोरखपुरी

April 13, 2022

कविता -रश्क रश्क अंतस में पाले हुए हो हजारोंचैन की अहमियत बस तुम्हें ही पता हैबेचैनी भरा दिन कैसे है

हाशिये पर इतिहास- शैलेंद्र श्रीवास्तव

March 26, 2022

हाशिये पर इतिहास ब्रह्म राक्षसबहुत छल प्रपंची होता हैवह कितनो का अंतरंग होता हैवह न किसी धर्म न पंथ न

अनेकता में एकता की नगर चौरासी-अक्षय भंडारी

March 26, 2022

अनेकता में एकता की नगर चौरासी अनेकता में एकता की नगर चौरासीहम सुनाते है एक ये प्यारी बात,ये है हमारी

रंगबिरंगा त्यौहार!-डॉ. माध्वी बोरसे

March 26, 2022

रंगबिरंगा त्यौहार! रंगो का त्योहर हे होली,खुशियों से भरदे सबकी झोली,पकवान या मिठाई के जेसे,मीठी हो जाए सब की बोली।

अच्छे के लिए होता है !

March 26, 2022

अच्छे के लिए होता है ! राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले, जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और

Leave a Comment