Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन …


 कविता : न देना दिल किसी को 

कविता : न देना दिल किसी को  -सरस्वती मल्लिक

न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से , 

छीन लेते हैं लोग चैन दिल में आकर , 

दूर रखना सभी को अपने दिल के घर से । 

आएंगे लोग दिल लेने को तुमसे , 

करेंगे बहुत जतन , दिल चुराने को तुमसे , 

आना न उनकी बातों में कभी भी , 

रखना बचाके अपने दिल को उनसे । 

मिलाना न नजरें भूल कर भी किसी से , 

पहुँचता है दिल तक , 

कोई इसी रस्ते से , 

लगे जो चोट टूट जाएगा , 

है ये दिल शीशे के जैसे । 

खोना न कभी अपने दिल को , 

ले न जा पाए कोई इसे धोखे से , 

गया जो एक बार दिल , मिलेगा न दुबारा वो कभी फिर से , 

कीमत न इसकी कोई  , महफूज रखना सभी से । 

न देना दिल किसी को न लगाना दिल किसी से ॥

❤ ❤ ❤ ❤ ❤ 

मौलिक एवं स्वरचित 
-सरस्वती मल्लिक  (Saraswati mallick)
मधुबनी , बिहार


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment