Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

कविता-नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

नई शुरुआत! सब बिखर गया तो क्या हुआ,समेटने का दम रखते हैं,चलो करे नई शुरुआत,जिंदगी में फिर से नई शुरूवात …


नई शुरुआत!

कविता-नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

सब बिखर गया तो क्या हुआ,
समेटने का दम रखते हैं,
चलो करे नई शुरुआत,
जिंदगी में फिर से नई शुरूवात कर सकते हैं!

सब खो दिया तो क्या हुआ,
फिर बनाने का दम रखते हे,
चलो करे नई शुरुआत,
जिंदगी में फिर से नई शुरूवात कर सकते हैं!

दर्द बहुत आगया जिंदगी में तो क्या हुआ,
मुस्कुराने का दम रखते हे,
चलो करे नई शुरुआत,
जिंदगी में फिर से नई शुरूवात कर सकते हैं!

अँधेरा ही अंधेरा हर तरफ हो गया तो क्या हुआ,
रोशनी लाने का दम रखते हे,
चलो करे नई शुरुआत,
जिंदगी में फिर से नई शुरूवात कर सकते हैं!
चलो करे नई शुरुआत,
जिंदगी में फिर से नई शुरूवात कर सकते हैं!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

द्विधा में लोकतंत्र- जयश्री बिरमी

January 7, 2022

 द्विधा में लोकतंत्र  विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को

सुबह- चन्दा नीता रावत

January 7, 2022

। । सुबह ।। सुबह सवेरे जब रात ढले सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आतीपृथ्वी के हरे चादर पर लालिमा

गगन की बुलन्दीयो को छुना- चन्दानीता रावत

January 7, 2022

गगन की बुलंदियों को छूना हैं  उड़ना है हमे उड़ना हैगंगन की बुलंदियों को छूना हैआँखो के हसीन ख्वाब कोवास्तविकता कर जीना

जानना – चन्दानीता रावत

January 7, 2022

।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी

Leave a Comment