Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

कविता-दर्द ने दस्तक दी

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस …


दर्द ने दस्तक दी

वीना आडवाणी तन्वी नागपुर, महाराष्ट्र
आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी

हमें यू ना रुलाओ… 2
मैं इस दर्द से कह दी ।।

खामोशी सै सब कुछ हम
चुपके से सहे थे जाते …
खामोशी तोड़ी हमने जब
हमें ही चरित्रहीन दुनिया कह दी।।

आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी ।।

कब तलक यूं घुट-घुट के बताओ
चार दीवारी में हम जिये जाते
तोड पैरों कि जंजीरें मिले दुनिया से
तब दुनिया ही हमें पत्थर कह दी।।

आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी ।।

सोचा करती , नजर अंदाज़ कर सबको
मुझे आगे सिर्फ बढ़ना है
नजर अंदाज़ किया जब जमाने को
जमाने ने मगरूर नाम की उपाधी दे दी।।

आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी ।।

इस ओर जाऊं मैं , तो भी खाई मेरे
उस ओर जाऊं तो भी खाई मेरे
बताओ कैसे लडूं इस जमाने से जिसने
मेरे आंखों में फरेब कि अग्नि दे दी।।

आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी ।।2।।

नाकामयाब से कामयाबी कि ओर
बढ़ना , अब मैं दिल से चाहती
चाहत को सहारे के पंख मिले नहीं
आज मेरी अपनी वेदना कह दी।।

आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी ।।2।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

कुर्सी का चक्कर है प्यारे .- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

कुर्सी का चक्कर है प्यारे …!!! गढ़नें वाले गढ़ते रहे विपक्ष -पक्ष की बातें ।कितनें पीछे छूट गए ना लिखी

डॉ. राजेंद्र प्रसाद- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

डॉ. राजेंद्र प्रसाद जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो

दोनों बातें खतरनाक हैं- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 8, 2021

 दोनों बातें खतरनाक हैं किसी परिवार का मुखियापरिवार के किसी सदस्य कीनाराजगी के डर सेचुप्पी साध लेता है जबअपने परिवार

सूनापन अखरता”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

सूनापन अखरता अकेले चुपचाप खड़ी हो ,देख रही थी,जहाँ दुनिया बसती थी । सूनापन पसरा था कमरे में,जहाँ रौनक रहती

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

 मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि

मन- डॉ.इन्दु कुमारी

December 8, 2021

 मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले

Leave a Comment