गर्मी
चांद को तो कुछ कह नहीं पाए
को उसे भूला भी न पाए
राहें तुम्हारी इंदु ने बदली और
और गर्मी हमें दिखा रहे हैं
अब आप इश्क मोहब्बत में जलते रहें
ये अच्छा नहीं लगता।
मौलिक अप्रकाशित
उदय राज वर्मा उदय
छिटेपुर सैंठा गौरीगंज अमेठी उत्तर प्रदेश 227409
गर्मी बेवफाई की चांद नेचांद को तो कुछ कह नहीं पाए लेकिन मोहब्बत इतनी थीको उसे भूला भी न पाए …
मौलिक अप्रकाशित
उदय राज वर्मा उदय
छिटेपुर सैंठा गौरीगंज अमेठी उत्तर प्रदेश 227409
November 10, 2021
कैसे पूरी हों उम्मीदें हमारी? हमारे देश की जनता चुनावों के समय नहीं देखती कि… उम्मीदवार पढ़ा लिखा है या
November 9, 2021
नवजीवन की कीमत विनाश! से डरना स्वाभाविक है किसी भी जीव के लिए, मगर यह सिर्फ एक माध्यम है प्रकृति
November 9, 2021
उड़ी रे पतंग* उड़ी उड़ी रे पतंग मेरी उड़ी रे। लेके भावनाओं के साथ उड़ी रे। भर के उमंगो संग
November 7, 2021
कौन तय करके आया था? ब्राह्मण के घर लेना था जन्म या फिर क्षत्रिय, वैश्य अथवा शूद्र के यहां, कौन
November 7, 2021
कवितासुशासन को आखिरी छोर तक ले जाना हैं सरकारों को ऐसी नीतियां बनाना हैं सुशासन को आखरी छोर तक ले
November 7, 2021
अब की बार ऐसी हो दिवाली अबकी बार मनाओ ऐसी दिवाली । गाँव – शहर में हो जाए खुशहाली ।