Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

कविता-खास

खास ! जब तक तुझ में सांस है, सफलता की आस है,खुशनुमा सा एहसास है,पूरा जोश और साहस है,मानो तो …


खास !

कविता-खास

जब तक तुझ में सांस है,

सफलता की आस है,
खुशनुमा सा एहसास है,
पूरा जोश और साहस है,
मानो तो कुछ भी नहीं,
मान लो तो बहुत कुछ खास है!

कभी जन्नत तो कभी वनवास है,
खुशियों का आगाज है,
मंजिल तेरे पास है,
दहाड़ की आवाज है,
मानो तो कुछ भी नहीं,
मान लो बहुत कुछ खास है!

किस बात का एतराज है,
क्यों खुद से तू नाराज है,
दो वक्त का अनाज है,
किसकी तुझे तलाश है,
मानो तो कुछ भी नहीं,
मान लो तो बहुत कुछ खास है!

ऊपर श्वेत आकाश है,
नीचे सुंदर कैलाश है,
तेरा अलग अंदाज हे,
हर मुमकिन प्रयास है,
मानो तो कुछ भी नहीं,
मान लो तो बहुत कुछ खास है!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा

April 27, 2022

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगाआज हसे दुनिया चाहे कल

वीणा के सुर खामोश हो रहे

April 27, 2022

 वीणा के सुर खामोश हो रहे मेरी तमन्नाओं के कातिल बता तूने हमें वफा क्यों न दी।। कभी मांगा न

मेरे घर कि चौखट आज भी खुली

April 27, 2022

 मेरे घर कि चौखट आज भी खुली कभी तो तुम्हें भी मेरी याद आती ही होगी कभी तो मेरी याद

देखो हर शब्द में रब

April 27, 2022

 देखो हर शब्द में रब दिल को जीत लेते शब्द दिल को भेद भी देते शब्द दिल को बहलता मिठास

काट दिए मेरी कलम के पर

April 27, 2022

 काट दिए मेरी कलम के पर तमन्ना थी कभी खुद को , मैं खूब संवारूंगीसौलह श्रंगार करके , मैं खुद

मोहब्बत ए परवाना

April 27, 2022

मोहब्बत ए परवाना कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या हैतेरे हुस्न दीदार के बिना

Leave a Comment