Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Virendra bahadur

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया …


कविता–कृष्ण की व्यथा

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha
क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी?

उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी?
छोड़ा गोकुल मैया और गैया छोड़ा और गोपी का
आंचल उन्हें कितनी हुई पीड़ा हमें पता नहीं?
देख कर अपनी प्रिय सखी का चीरहरण
क्या कांप नहीं उठा होगा कृष्ण का हृदय और मन?
धोए थे सुदामा के चरण कृष्ण ने अपने आंसू से
देख कर अपने मित्र की हालत बह रही थीं नदियां
उस वक्त कृष्ण की आंखों से,
मेवाड़ में मीरा को मिला दुख कृष्ण
के मन को क्या सहन हुआ था?
हृदय में अत्यंत दर्द के साथ मात्र मीरा के लिए कृष्ण ने
अपने मुखारविंद को हंसता दिखाया था
क्या कृष्ण को हमारे दुख-दर्द पता नहीं?
तो उनके दर्द न जानना हमारी खता नहीं?

About author 

वीरेन्द्र बहादुर सिंह जेड-436ए सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उ0प्र0) मो-8368681336

वीरेन्द्र बहादुर सिंह
जेड-436ए सेक्टर-12,
नोएडा-201301 (उ0प्र0)
मो-8368681336


Related Posts

Bada dil sabke pas nhi hota by Jitendra kabir

July 19, 2021

 बड़ा दिल सबके पास होता नहीं अपनी जरूरत से बढ़कर पैसा होता है बहुतों के पास लेकिन किसी जरूरतमंद की 

Berojgari by dr indu kumari

July 19, 2021

 बेरोजगारी  बेरोजगारी के मार से  युवा दल बेहाल है।  जितने भी है रोजगार  योजना से नेता गण निहाल है।  जनता

Thor Kavita by R.S. meena

July 19, 2021

ठोर बेटियों पर अत्याचार, चारों तरफ हैं फैलें ठोर । जाहिलों को विद्वान, तो विद्वानों को समझे ठोर ।। रक्षा

Murdo ki basti by R.S. meena

July 19, 2021

मुर्दों की बस्ती जुल्म करना तो यहाँ ,हैवानों की मस्ती हैं । मिटा दे खानदान को, वो बड़ी हस्ती हैं

Barish by satish samyak

July 19, 2021

बारिश हे बारिश  बार बार मत आया कर । जब जब  तुम आती हो  तब बंद हो जाता है  धयाड़ी

Khwabo ka jahan by Jitendra kabir

July 19, 2021

 ख्वाबों का जहां इस जहां से परे न जाने कितने जहां बसते हैं, हर शख्स यहां अपने ख्वाबों का जहां

Leave a Comment