Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

कविता-उम्मीद

 उम्मीद  उदास रातों में उम्मीद की शमां जलाओ यारो  सन्नाटे की दीवारों पर खुशियां सजाओ यारो  फिर ये ख़ामोशी भी …


 उम्मीद 

कविता-उम्मीद(ummid)

उदास रातों में उम्मीद की शमां जलाओ यारो 

सन्नाटे की दीवारों पर खुशियां सजाओ यारो 

फिर ये ख़ामोशी भी छेड़ेगी तराना कोई नयाँ 

इस वीराने में गीत कोई भला गुनगुनाओ यारो 

उम्र के साथ बढ़ती गई मुश्किलें तो क्या 

तज़ुर्बे की तपिश से इसे सुलझाओ यारो 

सब्र से काम लेना जो फिर से तूफ़ां आए 

ज़िंदगी की कश्ती को लेना कसके थाम यारो 

और जब गुज़र जाए रात मुश्किल अंधेरों भरी 

नई सुबह को देना फिरसे नयाँ पैगाम यारों 

ज़िन्दगी यु ही गुज़री है मेहनत में तो क्या 

नस्ले रखेंगी अपने दिलों ताज़ा अपना नाम यारों

ग़ुलाम के होने न होने में क्या रखा है हुज़ूर 

वो तो लिखा ही करता है सुबह-ओ-शाम यारो 

न जाने किस मुकाम पे ले जाकर छोड़ेगी ये आशिक़ी

बदनामी में भी जिससे रौशन हुआ उसका नाम यारो   

हरविंदर सिंह गुलाम

पटियाला (पंजाब)


Related Posts

साहित्य राष्ट्र की महानता

July 6, 2023

भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार

भारतीय नारी सब पर भारी- Kavita

July 6, 2023

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या

नारी पर कविता | Naari par kavita

July 2, 2023

भावनानी के भाव  नारी पर कविता  नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

July 2, 2023

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं

July 2, 2023

भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं   मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम

भारतीय संस्कार पर कविता

July 2, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत

PreviousNext

Leave a Comment