Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है …


कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को
एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है
जीएसटी की तर्ज़ पर देश को चलाना है
उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

उपभोक्ताओं को कम परिचालन लागत का
लाभ प्रौद्योगिकी को विस्तार कर देना है
भावपूर्ण लाभों की बारिश से भिगोना है
लाचार जनता की भरपूर सहानुभूति बटोरना है

मुद्दा बिज़ली माफ़ी का गरमाने लगा है
बिज़ली विभाग तरकीबें लगाने लगा है
बाजार आधारित आर्थिक प्रेषण मंत्र
वर्ष 2022 में लाने की योज़ना है

एक राष्ट्र एक मूल्य योज़ना लाना है
सभी सेवाओं को इस मंत्र में ढालना है
अगर 2022 की गाड़ी को अवल लाना है
जनता आकर्षण गाड़ी को ज़रूर चलाना है

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा

April 27, 2022

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगाआज हसे दुनिया चाहे कल

वीणा के सुर खामोश हो रहे

April 27, 2022

 वीणा के सुर खामोश हो रहे मेरी तमन्नाओं के कातिल बता तूने हमें वफा क्यों न दी।। कभी मांगा न

मेरे घर कि चौखट आज भी खुली

April 27, 2022

 मेरे घर कि चौखट आज भी खुली कभी तो तुम्हें भी मेरी याद आती ही होगी कभी तो मेरी याद

देखो हर शब्द में रब

April 27, 2022

 देखो हर शब्द में रब दिल को जीत लेते शब्द दिल को भेद भी देते शब्द दिल को बहलता मिठास

काट दिए मेरी कलम के पर

April 27, 2022

 काट दिए मेरी कलम के पर तमन्ना थी कभी खुद को , मैं खूब संवारूंगीसौलह श्रंगार करके , मैं खुद

मोहब्बत ए परवाना

April 27, 2022

मोहब्बत ए परवाना कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या हैतेरे हुस्न दीदार के बिना

Leave a Comment