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kishan bhavnani, poem

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है …


कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को
एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है
जीएसटी की तर्ज़ पर देश को चलाना है
उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

उपभोक्ताओं को कम परिचालन लागत का
लाभ प्रौद्योगिकी को विस्तार कर देना है
भावपूर्ण लाभों की बारिश से भिगोना है
लाचार जनता की भरपूर सहानुभूति बटोरना है

मुद्दा बिज़ली माफ़ी का गरमाने लगा है
बिज़ली विभाग तरकीबें लगाने लगा है
बाजार आधारित आर्थिक प्रेषण मंत्र
वर्ष 2022 में लाने की योज़ना है

एक राष्ट्र एक मूल्य योज़ना लाना है
सभी सेवाओं को इस मंत्र में ढालना है
अगर 2022 की गाड़ी को अवल लाना है
जनता आकर्षण गाड़ी को ज़रूर चलाना है

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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