Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

कविता-आपनो राजस्थान!

 आपनो राजस्थान! रेतीली मरुस्थलीय भूमि,ऊंट पर बैठकर सवारी, जीवंत संस्कृति,जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है विशिष्ट पहचानम्हारों रंगीलों …


 आपनो राजस्थान!

डॉ. माध्वी बोरसे!

रेतीली मरुस्थलीय भूमि,
ऊंट पर बैठकर सवारी, जीवंत संस्कृति,
जब ये यादे मानस पटल पर आती,
रखता है विशिष्ट पहचान
म्हारों रंगीलों राजस्थान!!।

अतिथि सत्कार, हिर्दय से किया जाता,
ऐतिहासिक परम्पराओं के कारण सम्रद्ध दिखाई देता,
शिल्प कला, स्थापत्य एवं चित्रकला इसकी विशेषता,
पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता!

उदयपुर की झीले, जयपुर के महल,
बिकानेर का मरुस्थलीय भाग और जोधपुर जैसलमेर ,
राजस्थान की हरी भरी भोगोलिक छटाए,
मूर्ति कला, रंगाई छपाई कशीदाकारी एवं अनेक कलाएं!

राज्य के लोगों का पहनावा अपने आप में खास,
अनेक यात्री करते हैं, दूर-दूर से प्रवास,
राजस्थान, भारत के सर्वाधिक सुंदर राज्यों में से एक,
सौंदर्य से भरे हे पर्वत, माउंट आबू और मीठे पाने के लेक!


कैसे किया जाए इस आकर्षित राज्य का बखान,
कभी पधारो मारो राजस्थान,
कण कण वीरता की पहचान,
रजवाड़ों सी यहां है शान!

बाजरे की रोटी, सांग्री रो साग,
दाल बाटी चूरमा, संगीत और राग,
घूमर, कालबेलिया, रेगिस्तान की चादर,
यहां सबके हृदय में है वीरता, प्रेम, सत्कार और आदर!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

Leave a Comment