Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

कविता आज़ाद

 आजाद! आजाद विचार, आजाद ख्याल, आजादी से जी ले हर एक साल, आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल, आजाद हो …


 आजाद!

कविता आज़ाद

आजाद विचार, आजाद ख्याल,

आजादी से जी ले हर एक साल,

आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल,

आजाद हो जाए, तोड़े सारे जाल!

पहने कपड़े मनपसंद के, रंग हो चाहे पिला या लाल,

दूसरों को छोड़े, स्वयं के देखें, कैसे हैं हमारे, चलन और चाल,

स्वस्थ रहे,हंसते रहे, आजाद रहे,

कैसे भी हो हाल,

अपने आजाद दिमाग में, छोटी सोच को कभी ना पाल!

आजाद का मतलब यह नहीं, कि किसी और को बंधन में डाल,

कर तू जो फैशन, बना चाहे कैसे भी बाल,

साड़ी,धोती, कुर्ता, पैंट,शर्ट, जिसमें जो चाहे वह वस्त्र तू डाल,!

कर जा तू कुछ ऐसा कमाल,

अंतिम समय में ना रहे कोई मलाल,

चाहे कैसा भी आए काल,

आत्मनिर्भरता से खुद को संभाल!

समय की धुन पर, मिलाते जा अपनी मेहनत की हर एक ताल,

आज ही करना है जो कर ले, कल पर कोई बात ना टाल,

आजाद विचार, आजाद ख्याल,

आजादी से जी ले हर एक साल,

आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल,

आजाद हो जाए, तोड़े सारे जाल!

डॉ माध्वी बोरसे!

लेखिका !

(रावतभाटा) राजस्थान!


Related Posts

मेरी शब्दों की वैणी

September 4, 2022

मेरी शब्दों की वैणी यादों के भंवर में डूब कर मैं अकसर मोतियन से शब्द लातीबगिया शब्दों कि मेरी जहां

गुरुवर जलते दीप से(शिक्षक दिवस विशेष)

September 4, 2022

गुरुवर जलते दीप से दूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान। मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान।। जब

आई पिया की याद..!!

September 1, 2022

आई पिया की याद..!! मन मयूर तन तरुण हुआबरखा नें छेड़े राग।गरज गरज घन बरस रहेआई पिया की याद।। छानी

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन

September 1, 2022

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन नन्हीं सी पीठ पर बस्ते का बोझ हैदब रहा है बचपन लूट

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले

September 1, 2022

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकालेजो टूट मैं गया तो

कविता – मोहन

September 1, 2022

कविता – मोहन मोहन! मुरली से प्रीत तुम्हारीअगाध अनन्त हुई कैसेप्रीत में पागल मीराबाईमन से सन्त हुई कैसे राधा ने

PreviousNext

Leave a Comment