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Nandini_laheja, poem

कविता अहमियत| kavita ahmiyat

अहमियत वक़्त की अहमियत को समझो,यह न वापिस आएगा।छूट जाएगा जीवन में बहुत कुछ,तू केवल पछताएगा।अहमियत दे रिश्तों को बन्दे,यही …


अहमियत

वक़्त की अहमियत को समझो,
यह न वापिस आएगा।
छूट जाएगा जीवन में बहुत कुछ,
तू केवल पछताएगा।
अहमियत दे रिश्तों को बन्दे,
यही तो हैं ताकत तेरी।
बना इन्हें सम्बल तू अपना,
न आएगी एकाकीपन की घड़ी।
अहमियत दे नेकी को,
कर्म तेरे संवर जाएंगे।
न डरेगा तू अंत समय,
केवल प्रभु याद तुझे आएंगे।

About author

नंदिनी लहेजा | Nandini laheja
नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित

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