Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

कविता अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021-किशन सनमुखदास

कविताअंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021 अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस सबने मिलकर दिव्यांगजन को उत्साह देखकर मनाए हैं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने अपने संदेश …


कविता
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस सबने मिलकर
दिव्यांगजन को उत्साह देखकर मनाए हैं
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में
भारत की प्रगति में इनकी उपलब्धियों को सराहे हैं

दिव्यांगजनों को और सशक्त बनाने में
आधारभूत सुविधाओं को सशक्त करना है
इनके लिए समानता पहुंच और अवसर
सुनिश्चित करने निरंतरता जोर देना है

राष्ट्रपति महोदय ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण
में उत्कृष्ट उपलब्धियों व सेवा के लिए
व्यक्तियों संगठनों संस्थाओं राज्य व जिला को
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है

दिव्यांगजन भी देश का मूल्यवान मानव
संसाधन है इनके मुद्दों को प्राथमिकता देना है
इनको सर्वभोमिक पहुंच प्रदान करना है
इनका जीवनस्तर सुरक्षित सक्षम बनाना है

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

February 24, 2022

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है तुम्हारा प्रेम…मेरे लिए पुल सरीखा है,जिस पर चलकरनिकल जाता हूं मैं अक्सरखोजने प्रेम के गहनतम

करे कोई और भरे को- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

करे कोई और भरे को खूब मुनाफा कमायाजिन लोगों नेअंधाधुंध खनन करकेनदियों और पहाड़ों में,इसके कारण हुएप्रकृति के कोप से

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

February 24, 2022

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई

कविता मैं बहुत खुश था

February 24, 2022

कवितामैं बहुत खुश था मैं बहुत ख़ुश था जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता नहीं

Sundar bachpan Raunak Agrawal

February 17, 2022

सुंदर बचपन !! सोनी सी मुस्कान है वो, हर माँ की जान है वो !!ये बच्चे मन के सच्चे,थोड़े कच्चे

Leave a Comment