Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

कविता:क्यों करे अपेक्षा?| kyon kare apeksha

क्यों करे अपेक्षा? एक धनी धन देगा, आत्मविश्वासी प्रण लेगा, जिसके पास जो भरपूर हैउनके पास वो उस शण मिलेगा। …


क्यों करे अपेक्षा?

एक धनी धन देगा,

आत्मविश्वासी प्रण लेगा,

जिसके पास जो भरपूर है
उनके पास वो उस शण मिलेगा।

प्रसन्न व्यक्ति खुशी देगा,
निराश व्यक्ति दुखी करेगा,
समझने वाली बात है,
बबूल पर फूल कहां से खिलेगा?

क्यों किसी से अपेक्षा करें,
क्यों किसी से शिकवा करें,
जिसके पास जो है उसने वह दिया,
क्यों ना इस बात को गौर से परखें।

हम हैं सम्मान से भरपूर क्यों ना हम सम्मान दें,
प्रेम और समझदारी बहुत है इस जहान में,
हम हैं संयम से भरपूर, तो क्यों ना समझदारी दिखाएं,
इन बातों को समझ जाए,
क्यों बन रहे नादान है।

घायल के साथ घायल ना हो,
अपितु उनकी चोट को ठीक करो,
क्रोध में कोई मानसिक संतुलन खो बैठे,
उनके घाव को भरने की कोशिश करो।

किसी से कुछ अपेक्षा ना करें,
अपनी झोली शिकायत से ना भरे,
रखें स्वयं के संस्कारों को मजबूत,
दुखियारो से और ना लड़े।।

About author

Dr. Madhvi borse
डॉ. माधवी बोरसे
अंतरराष्ट्रीय वक्ता
स्वरचित मौलिक रचना
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

Mai kya likh du by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 मैं क्या लिख दूँ.!!! प्रस्तुत कविता में हो रहा संवाद हमारे और हमारे बेटे के बीच का  है…!! तूनें कहा

Tum kaho to by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 तुम  कहो  तो…!!! तुम  कहो तो महकूँ मैं और चुन लूँ  जिंदगी के चार पल या ख़ुशी से मौन जो

Mausam by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मौसम” मौसम तो बदलते रहते हैं। जीवन में कयी पड़ाव आते रहते हैं। कभी खुशी-कभी गम । प्रकृति के बदलते

Bapu aur lal by Dr. indu kumari

October 7, 2021

  शीर्षक-बापू और लाल आज ही इस धर -धामपर  दो विभूतियों ने ले अवतार  दो अक्टूबर को कर सार्थक  राष्ट्र

Mom si nari by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मोम सी नारी” बाहर से सख्त अन्दर से नर्म है। भावनाओं में बह सर्वस्व लुटा देती। हाँ अधिकतर छल से

Badduaon ke bhagidar by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 बद्दुआओं के भागीदार दूसरों की नहीं कह सकता लेकिन अपने घर में मां ,बहन, बेटी और भी कई सारी महिलाओं

Leave a Comment