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Jitendra_Kabir, poem

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले …


कलियुग का रामराज्य

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र 'कबीर'

शालीनता भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
सोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियां
बकने वाले विकृत मानसिकता के शिकार
लोगों की सेना (ट्रोल्स) के दम पर
लाया जा रहा है,
शालीनता होगी कलियुग के रामराज्य में कितनी
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
स्त्री-सम्मान भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
स्त्रियों पर जघन्यतम बलात्कार करके,
सरेआम नीलामी करके, अकेली लड़कियों को
घेर अपनी गुण्डागर्दी दिखाकर
लाया जा रहा है,
स्त्री-सम्मान होगा कलियुग के रामराज्य में कितना
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
प्रजा पालक होना भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
जनता को आपस में धर्म-जाति के आधार पर
लड़ाकर, लाठीचार्ज करवाकर
गाड़ियों के नीचे कुचलवाकर
लाया जा रहा है,
जनता की हैसियत होगी क्या कलियुग के रामराज्य में
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
स्नेह एवं प्रेम भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
हत्यारों को महिमा मंडित करके,
घृणा और नफरत को खूब संरक्षण देकर
लाया जा रहा है,
प्रेम होगा एक गुनाह कलियुग के रामराज्य में
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


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