Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले …


कलियुग का रामराज्य

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र 'कबीर'

शालीनता भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
सोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियां
बकने वाले विकृत मानसिकता के शिकार
लोगों की सेना (ट्रोल्स) के दम पर
लाया जा रहा है,
शालीनता होगी कलियुग के रामराज्य में कितनी
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
स्त्री-सम्मान भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
स्त्रियों पर जघन्यतम बलात्कार करके,
सरेआम नीलामी करके, अकेली लड़कियों को
घेर अपनी गुण्डागर्दी दिखाकर
लाया जा रहा है,
स्त्री-सम्मान होगा कलियुग के रामराज्य में कितना
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
प्रजा पालक होना भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
जनता को आपस में धर्म-जाति के आधार पर
लड़ाकर, लाठीचार्ज करवाकर
गाड़ियों के नीचे कुचलवाकर
लाया जा रहा है,
जनता की हैसियत होगी क्या कलियुग के रामराज्य में
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
स्नेह एवं प्रेम भगवान राम का गुण था
लेकिन उनकी धरती पर रामराज्य
हत्यारों को महिमा मंडित करके,
घृणा और नफरत को खूब संरक्षण देकर
लाया जा रहा है,
प्रेम होगा एक गुनाह कलियुग के रामराज्य में
उसका छोटा सा ट्रेलर अभी दिखाया जा रहा है।
जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!

देशभक्ति २१ वी सदी में-सतीश लाखोटिया

January 24, 2022

देशभक्ति २१ वी सदी में वतन पर क्या गाऊँ मैंदेशभक्ति के गीतहम माटी के पुतलेभूल गए उन शहीदो कीदेश पर

मकर संक्रान्ति का महत्व

January 17, 2022

मकर संक्रान्ति का महत्व  हिंदू धर्म ने माह कोदो पक्षों में बाँटा गया हैकृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष,वर्ष को भी

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

Leave a Comment