Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Sonal Manju

करवा चौथ पर कविता

करवा चौथ भूख नहीं लगती है स्त्री को, करवाचौथ निभाने में,चाहे कितनी देर लगा ले चाँद आज नज़र आने में,उम्र …


करवा चौथ

करवा चौथ पर कविता

भूख नहीं लगती है स्त्री को, करवाचौथ निभाने में,
चाहे कितनी देर लगा ले चाँद आज नज़र आने में,
उम्र बड़ी होगी या नही ये तो किसी को पता नहीं,
आशा है प्यार बढ़ ही जायेगा यूँ त्याग दिखाने में।।

आज जी भर संवरती, सोलह श्रृंगार करती है,
सज के सुर्ख जोड़े में चाँद का दीदार करती है,
उपहार मिले या ना मिले उसे कोई परवाह नहीं,
पति की चाहत मिले, इसी का इंतजार करती है।

तुम्हारा नाम अपनाती है उसका मान बन जाना तुम,
जहाँ पर पा सके सुकूं ऐसा विश्राम बन जाना तुम,
परीक्षा प्रेम की दे देगी चुनेगी जंगलों के काँटे भी,
पत्नी गर सीता बन जाती है तो राम बन जाना तुम।।

About author 

करवा चौथ पर कविता

सोनल मंजू श्री ओमर
राजकोट, गुजरात – 360007


Related Posts

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Bhedbhav by Anita Sharma

October 7, 2021

 भेद भाव भेद भाव के रंग रूप में बंटा हुआ संसार है। * एक ईश की संतान सभी हैं। मत

Mai shapit hu by komal Mishra koyal

October 7, 2021

 मैं शापित हूँ घुट घुट कर मर जाने को मैं शापित हूँ हर बार जलाए जाने को नहीं कह पाती

Udan by Anita Sharma

October 7, 2021

 “उड़ान” मेरे घर घोंसला बनाकर, पंछी का जोड़ा आया रहने। रोज उसे तिनका-तिनका, लाते देखा करती अक्सर। आज अचानक आवाज़

Nari kitni aatmnirbhar hai by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 नारी कितनी आत्मनिर्भर हैं? खुद के कमाए पैसे खर्च करने के लिए भी बहुत बार अपने पति  व घरवालों की

Pratiksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 प्रतीक्षा तुम्हारे आने की प्रतीक्षा और बेसब्री, एक-एक दिन गिन-गिनकर कटता है। * उतावलापन और बढ़ती प्रतीक्षा, कितनी बेचैनी कितनी

Leave a Comment