Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, satish_samyak

कमियां-सतीश सम्यक

कमियां एक दिनखोज लिया फेसबुक परउस लड़के कोजिसके साथ तुमने किया थाप्रेम विवाह। जब भीसमय मिलता है,तबढूंढने लगता हूं।उसकी तस्वीर …


कमियां

कमियां-सतीश सम्यक
एक दिन
खोज लिया फेसबुक पर
उस लड़के को
जिसके साथ तुमने किया था
प्रेम विवाह।

जब भी
समय मिलता है,
तब
ढूंढने लगता हूं।
उसकी तस्वीर के पास लगाकर
मेरी तस्वीर में कमियां।

सतीश सम्यक 
राजस्थान 


Related Posts

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

कविता – बे-परवाह जमाना

September 1, 2022

कविता – बे-परवाह जमाना ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना ।दिल भी अक्सर छेड़े रहता है

कविता – नयन

September 1, 2022

कविता – नयन दोनों नयन सावन बनकररिमझिम – रिमझिम बरसात करेंसमझ तनिक आता ही नहींके कितने हैं जज़्बात भरे मौन

कविता -शहर चलाता है

September 1, 2022

रिक्शा, ऑटोरिक्शा, इलेट्रिक रिक्शा चलाने वाले भाईयों को समर्पित रचना कविता -शहर चलाता है जो बिना थके सारा शहर चलाता

कविता – शिव और सावन

September 1, 2022

कविता – शिव और सावन सावन शिव हुए अवतरित धरती परसावन में निज ससुराल गएहुआ अर्घ्य और जलाभिषेक से स्वागत

सावन की बौछार

September 1, 2022

 सावन की बौछार सावन की बौछार यारतन – मन को भिगाती हैमस्त फुहारें इस सावन कीयाद किसी की दिलाती है

PreviousNext

Leave a Comment