Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

और कितने रावण होंगे?

और कितने रावण होंगे? आज मैं बाहर जा रही थी तो प्रहलदनगर से थोड़ा आगे जा कर बहुत से लोग …


और कितने रावण होंगे?

आज मैं बाहर जा रही थी तो प्रहलदनगर से थोड़ा आगे जा कर बहुत से लोग इक्कठे हुए थे। मैंने कुछ ताड़ने की कोशिश तो की किंतु कुछ समझ नहीं आया।रोड साइड थी वरना सोचती की कुछ अकस्मात आदि होगा,कुछ औरतें भी खड़ी थी थोड़ी दूर तो मैने कुतुहलवश प्रूच्छा की तो बोली कि हैं कोई लड़की गांव से आई हुई किसी लड़के के साथ भाग कर आई हैं लेकिन दो तीन दिन अहमदाबाद घुमा कर उसे वहीं छोड़ के भाग निकला हैं अब बेचारी अनजान लड़की जायेगी कहां? मैने कुछ अंदर की और झांकने की कोशिश की किंतु सभी लोग कुछ ऐसे खड़े थे कि न ही मैं लड़की को देख पाई और न ही अंदर जा पाईं,मैदान सा था आगे दरवाजा सा था तो अंदर जाना मुश्किल ही था।सिर्फ रोने की आवाज और सब उससे हमदर्दी जता रहे थे वही आवाजे आ रही थी।मुझे थोड़ी जल्दी थी तो निकल ली क्योंकि वहां खड़े लोग भी कुछ ठीक नहीं दिख रहे थे।
लेकिन एक बात दिमाग से नहीं निकल रही थी कि किस राह पर अपना युवा वर्ग जा रहा था।लड़की देखी नहीं थी,नाबालिग भी हो सकती थी,लेकिन क्यों निकल आई अपने घर से? कोई लालच दिया गया होगा,या शादी का वचन दिया होगा। आजकल भी तो सीरियलों और मोबाइल में देखी हुई पिक्चर्स आदि देख उनकी नकल करने कुछ भी सोचे बिना निकल जाती हैं। कुछ तो था जो वह घर छोड़ के भाग निकली उस धोखेबाज के साथ। आजकल के युवाओं को सिर्फ शारीरिक सुख ही चाहिए शादी हो चाहे न हो उसकी परवा नहीं हैं उन्हें।अब उसका क्या हश्र होगा वह तो वही जानें। उस नर पिचाशों के झुंड में से कोई हमदर्दी जता कर उसे साथ ले जा कर उस से कोई गलत काम कर भी सकता था या करवा भी सकता था।अगर पुलिस के हवाले की तो भी उसके साथ क्या क्या हो सकता था ये सोच के रूह कांप जाती हैं।
लड़का लड़की दोनों की नैतिकता प्रश्नों के दायरों में आ जाती हैं।क्या लड़की खाली मौज मजा करने की लालच में अपना सब कुछ न्यौछावर करने निकल पड़ी थी।वैसे ही लड़का भी थोड़े आर्थिक व्यय कर लड़की के साथ मौज कर उसका सब कुछ लूट कर भाग जाने के आशय से ही उसे साथ लाया था? या कुछ मजबूरी थी कि उसे छोड़ कर चला गया था।
एक ही बात हैं कि बचपन से ही बच्चों को एक नैतिकता का पाठ पढ़ाना अति आवश्यक हैं जो माध्यम वर्ग या उच्च मध्यम वर्ग में थोड़ा शक्य हैं लेकिन गरीब आदमी और औरतें तो सारा दिन अपनी रोजी रोटी कमाने में लगे रहते हैं उन्हें कहां होश होता हैं कि जिन्हे उन्होंने पैदा किया हैं वे कैसे जी रहे हैं,कैसे लोगो के साथ बात कर रहें हैं,यहीं सब बातें ही उनको गलत रास्तों पर ले जाती हैं।भौतिक सुखों की लालसा उन्हे बदनामी और बेहाली की और ले जाते हैं।
अब एक ही बात हैं आज के युवाओं और युवतियों को सही शिक्षा मिले,सही गलत का पता लगे और वे भी सही निर्णय लेने के काबिल हो जाएं,अपनी जिंदगी को भरीसों पर नहीं एक विचारात्मक रास्ते पर ले जा सके उतने काबिल तो बनाना पड़ेगा ही तब हम अपने युवा धन को संभाल पाएंगे।अगर लड़के को हम रावण की उपमा देते हैं तो लड़की को क्या बोलेंगे? जो इतने सारे सोशल मीडिया पर पढ़े हुए किस्सों के बावजूद ऐसे बाहर निकल आई थी?

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग| maha Shivratri

March 8, 2024

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग ‘खइ के पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला…’ चार दशक

Hum hind ki naariya | mahila divas Vishesh

March 8, 2024

 नन्हीं कड़ी में….  आज की बात   हम हिन्द की हैं नारियां... महिला दिवस पर विशेष…. हमारे भारत देश में आज के

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे

March 8, 2024

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे परिचय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक गतिशील और तेजी से बढ़ते

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त

March 8, 2024

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त आज के आधुनिक समय में महिला उत्थान एक विशेष

संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना”

March 8, 2024

“संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना” जिंदगी में सिर्फ बोझा ना उठाओ,स्वयं को थोड़ा समझाओ,एक दूसरे

बड़े काम का रेजोल्यूशन

December 31, 2023

बड़े काम का रेजोल्यूशन एक बार फिर रेजोल्यूशन बनाने का दिन आ ही गया, नए साल के साथ। बिहेवियर साइकोलॉजी

Leave a Comment