Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी

ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों …


ऐ चाँद

ऐ चाँद-  डॉ. इन्दु कुमारी
लिख रही तेरी दास्तान
शीतलता करते प्रदान
दागदार वह कहलाते हैं
जीवों के हित आते हैं
चाँदनी फिर छिटकाते हैं
निशब्द भरी रातों में चल
अविराम पथिक के भाँति
चलना हमें सिखाते है
मामा कभी बन जाते हैं
बच्चों के मन बहलाते हैं
कभी प्रेमिका का रूप धर
आशिकी के धड़कन बन
उपमा कितने वह पाते हैं
कभी सोलह श्रृंगार कर
ह्रदय चितवन सजाते हैं
कभी योगी के तप का
फल बनकर चाँद आते हैं
खूबियाँ जानता है जहान
लिख रही तेरी दास्तान।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

दोस्तों के नाम की शाम आइए!कुछ करते नहीं तो बस इतना करते हैं,एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,मौज मस्ती

सतत विकास-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

सतत विकास! करें गरीबी का निवारण, मिलकर बचाए पर्यावरण,हो समाज मैं आत्मनिर्भरता,बिना फर्क किए हो लैंगिक समानता! कोई व्यक्ति न

खुद को परख-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

खुद को परख! करके दिखा तू सोच मत, इतनी सी बात तू दिल में रख,जज्बा हो तुझ में जबरदस्त,खुद को

काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं

February 4, 2022

कविताकाश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं बचपन के दिन कितने सुहाने थे काश कभी ऐसा करिश्मा भी हो जाए

बजट-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

बजट! अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजना,इसके जरिए यह है सरकार को सोचना,अपने राज्य की तुलना में,सरकार

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर

Leave a Comment