Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

ऐसा हमारा जीवन हो।

ऐसा हमारा जीवन हो। संतुष्टि और सहनशीलता हो,इंसान इंसानियत से मिलता हो,तकलीफ और कांटों के साथ साथ,सुगंधित पुष्प भी खिलता …


ऐसा हमारा जीवन हो।

संतुष्टि और सहनशीलता हो,
इंसान इंसानियत से मिलता हो,
तकलीफ और कांटों के साथ साथ,
सुगंधित पुष्प भी खिलता हो।

जीवन में संघर्ष कितने भी आए,
हर एक से वक्त के साथ जीतते जाए,
हर पथ पर नकारात्मकता को त्यागते हुए,
सकारात्मकता की गीत एकता से गाए।

स्वयं में आत्मविश्वास भरकर,
लाए शांति और प्रसन्नता की लहर,
हम सब एकता का प्रतीक हो,
करें हर आवश्यक कार्य मिलकर।

हो ह्रदय में करुणा,
ना करे किसी से घृणा,
छोटी छोटी बात पर बिखर ना जाए,
स्वभाव में हो हमारा निखरना।

संतुष्टि और सहनशीलता हो,
इंसान इंसानियत से मिलता हो,
तकलीफ और कांटों के साथ साथ,
सुगंधित पुष्प भी खिलता हो।

About author 

Dr madhvi borse
डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

कविता शब्द/kavita – shabd

October 30, 2022

कविता शब्द/kavita shabd  जब शब्द ही निशब्द हो जातें हैं दिल के भाव दिल ही में रह जातेंबातें दिलों की

खुद को खुद पढ़ जाती| khud ko khud padh pati

October 29, 2022

खुद को खुद पढ़ जाती अपनी ही जिंदगी के किस्से मैं सुनाऊं किसकोकोई अपना नहीं मेरा , अपना कह सकूं

दिवाली/Diwali

October 25, 2022

दिवाली/Diwali ! जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,खुशियों से महके सारा परिवार,बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,दीया और लाइट से चमचमाता

“सोचता हूॅं”/sochta hun

October 23, 2022

“सोचता हूॅं” सोचता हूॅं, कुछ लिख लूॅं।लिखना,दर्द को कुरेदता है; याहृदय को झकझोरता है।दोनो स्तिथियों में,आहत होता हृदय ही।जिसने प्रश्रय

खेड़े की रमणी

October 23, 2022

खेड़े की रमणी खेडे़ में रहती रमणीखेड़े में ही मिट जाती हैपितृसत्ता से बंधे हुएजीवन को जीते जीतेपतिव्रता जीवन जी

मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप/maa -lakshmi-ke-aath-swaroop

October 23, 2022

दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता कविता–मां लक्ष्मी

PreviousNext

Leave a Comment