Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!!

ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो! सभी का सम्मान हो,हम देश की शान हो,देश के लिए हमारे प्राण हो,देश हमारी जान हो,ऐसा …


ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!

सभी का सम्मान हो,
हम देश की शान हो,
देश के लिए हमारे प्राण हो,
देश हमारी जान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

सभी साक्षर और बुद्धिमान हो,
वतन पर कुर्बान हो,
मानवता में महान हो,
सभी समान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

चमकती धरती, चमकता आसमान हो,
मातृभूमि का अभिमान हो,
अनगिनत वीर जवान हो,
शहीदों सा बलिदान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

सर उठा कर जीने का स्वाभिमान हो,
इस मातृभूमि को प्रणाम हो,
सुनहरे खेत खलिहान हो,
भारतीय हमारी पहचान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

हर सफल इम्तिहान हो,
हर चिकित्सक वरदान हो,
कभी ना डगमग ईमान हो,
शूरवीरों को सलाम हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

राष्ट्रगीत का बखान हो,
अच्छी सोच की ऊंची उड़ान हो,
हिंदुस्तानी होने का गुमान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो।।

About author

ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

आह्वान- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

आह्वान मद्यपान निषेध मेरे देश के नौजवानोंतू है मौजों की रवानीहै भारत माँ के लाल वेशकीमती तेरी जवानीमद्यपान नहीं जिन्दगानीबीड़ी

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

मुर्दा कौन- R.S.meena Indian

December 3, 2021

 कविता   “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो

Leave a Comment