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ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!!

ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो! सभी का सम्मान हो,हम देश की शान हो,देश के लिए हमारे प्राण हो,देश हमारी जान हो,ऐसा …


ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!

सभी का सम्मान हो,
हम देश की शान हो,
देश के लिए हमारे प्राण हो,
देश हमारी जान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

सभी साक्षर और बुद्धिमान हो,
वतन पर कुर्बान हो,
मानवता में महान हो,
सभी समान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

चमकती धरती, चमकता आसमान हो,
मातृभूमि का अभिमान हो,
अनगिनत वीर जवान हो,
शहीदों सा बलिदान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

सर उठा कर जीने का स्वाभिमान हो,
इस मातृभूमि को प्रणाम हो,
सुनहरे खेत खलिहान हो,
भारतीय हमारी पहचान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

हर सफल इम्तिहान हो,
हर चिकित्सक वरदान हो,
कभी ना डगमग ईमान हो,
शूरवीरों को सलाम हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
मेरा हिंदुस्तान हो।।

राष्ट्रगीत का बखान हो,
अच्छी सोच की ऊंची उड़ान हो,
हिंदुस्तानी होने का गुमान हो,
ऐसा हर एक हिंदुस्तानी और
ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो।।

About author

ऐसा मेरा हिंदुस्तान हो!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

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