Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

एक लेखक की कलम

एक लेखक की कलम! चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को, हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,विश्वास हो बहुत सारा, …


एक लेखक की कलम!

एक लेखक की कलम
चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को,

हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,
विश्वास हो बहुत सारा, ना कोई भ्रम हो,
सच्चाई को बयां करने वाली, हमारी कलम हो!

जिंदगी में हम मैं संयम हो,
प्रकृति से हमारा संगम हो,
चाहे कुछ ज्यादा या कम हो,
सच्चाई को बयां करने वाली, हमारी कलम हो!

सराहनीय बनाते हे हमारे जन्म को,
मानवता की भलाई के लिए हमेशा खड़े हम हो,
सच के लिए लड़ सके , हम मैं दम हो,
सच्चाई को बयां करने वाली, हमारी कलम हो!

इंसानियत ही हमारा एक धर्म हो,
सही राह पर चलने के लिए हम सक्षम हो,
कायरता, डर, घबराहट का ना कोई वहम हो
सच्चाई को बयां करने वाली, हमारी कलम हो!

कभी क्रांतिकारी, तो कभी हम विनम्र हो,
मेहनत करके कमाना ही हमारा, कर्तव्य परम हो,
चाहे कितना भी आगे बढ़ जाए, हम मैं ना अहम हो,
सच्चाई को बयां करने वाली, हमारी कलम हो!

डॉ. माध्वी बोरसे!
रावतभाटा (कोटा) राजस्थान !

( स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

नारी- डॉ. इन्दु कुमारी

March 25, 2022

नारी क्या है तेरी लाचारी क्यों बनती तू बेचारीरिश्तो को निभाती आईजैसे बदन को ढकती साड़ीनारी !नारी!!ओ नारीस्व को मिटाने

ईमानदारी कविता -जयश्री बिरमी

February 24, 2022

ईमानदारी कहां कहां ढूंढू तुझे बता दे जराढूंढा तुझे गांव गांव और गली गलीढूंढने के लिए तुझे मैं तो शहर

नारी महिमा

February 24, 2022

नारी महिमा  चाँद की तरह शीतल है नारी।सूर्य की तरह तेजस्वी है नारी।।धरती की तरह धैर्यवान है नारी।सागर की तरह

बेटी

February 24, 2022

बेटी सावन में डाली का झूला है बेटी।उपवन में खिलता गुलाब है बेटी।उगते हुए सूर्य की लाली है बेटी।सन्ध्या में

गृहणी

February 24, 2022

गृहणी बहुत कड़वा है यह अनुभव, सोच और सच्चाई का।दोष किसका है यहां पर, केवल अपने आप का।सब को सुला

छत्रपति शिवजी महाराज

February 24, 2022

छत्रपति शिवजी महाराज छत्रपति शिवजी महाराजझुके नहीं मुगलों के आगे ,शौर्य- साहस के हैं प्रतीक।मराठा साम्राज्य की नींव बने जो,महान

Leave a Comment