Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

एक रूपया-सिद्धार्थ पाण्डेय

एक रूपया एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी। जेबें तो लिबाज़ में अनेकों थीं,पर …


एक रूपया

एक रूपया-सिद्धार्थ पाण्डेय
एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी।

जेबें तो लिबाज़ में अनेकों थीं,पर सारी की सारी खाली थी।

मेरे हम उम्रों को याद हो शायद हर एक किस्सा बचपन का,
सौंधी खुशबू हर घर में थी और अगल बगल हरियाली थी।

तपती गर्मी में पेड़ के नीचे ,दिन गुजारा करते थे।
दोस्तों को हम अनगिनत ,नामों से पुकारा करते थे।

बैठकर दोस्तो के साथ अनगिनत कहानी गढ़ते थे,
हवा में उड़ने की और जादूगरी करने की सोच खयाली थी।

एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी।
एक रुपैया जेब में रखकर सीना टाइट होता था।

एक रुपया जेब में है ये सबसे हाइलाइट होता था।
स्टाइल में चलना उस टाइम आम बात हुआ करता था,

हीरो बनने का भूत चढ़ा था ,पर सोच सदा बवाली थी।
एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी।

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

Fislan by Anita Sharma

October 5, 2021

 “फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे  फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य

Dharohar by Sudhir Srivastava

October 1, 2021

 धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान

Sabke apne Gandhi by Jitendra Kabir

October 1, 2021

 सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी  योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।

Vridh Divas budhapo by mainudeen kohri

October 1, 2021

 वृध्द दिवस  बुढ़ापो         बुढापो  तो  सगलां  नैं आसी । ओ’ बुढापो  तो  घणो  दोरो रे ।।

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर                    हुई 92 साल की स्वरों की देवी

Maati ke Lal Shastri by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

माटी के लाल शास्त्री जय जवान जय किसान का नारा दिया यह लाल पाकिस्तान के मंसूबों को पानी फेर दिखाया

Leave a Comment